हॉकी मैदान के लिए नहीं मिल रही है मूसाखेड़ी में ढंग की जगह
80 साल से ज्यादा पुराने प्रकाश हॉकी क्लब में नई पौध के सैकड़ों बच्चे और भविष्य के युवा खिलाड़ियों के लिए मूसाखेड़ी क्षेत्र में हॉकी के लिए मैदान नहीं मिलने से क्षेत्र के सैकड़ों बच्चे मजबूरी में फुटपाथ के किनारे खेलने को मजबूर है। हालत यह है कि हॉकी को जिंदा रखने के लिए लंबे समय से कोच के रूप में अपना कीमती समय दे रहे हैं वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी और कोच अशोक यादव सालों से मूसाखेड़ी क्षेत्र के बच्चों को हॉकी सिखा रहें है। यही नहीं ढंग की जगह नहीं होने के बावजूद रोजाना बारिश में भी डेली कॉलेज के गेट के सामने फुटपाथ पर रोजाना दो से तीन घंटे बच्चों को प्रैक्टिस करवा रहे हैं और उन्हें हॉकी की बारीकी और गुर सिखा रहें है।
मैदान की कमी के बावजूद बारिश में भी खुले प्रैक्टिस कराने की
मजबूरी- बच्चों को हॉकी की प्रैक्टिस करने के लिए कोच अशोक यादव, बालकृष्ण रायकवार सहित अन्य साथियों के बारिश के सीजन में भी हौसले की कमी नहीं है केवल अच्छे मैदान की कमी है। अच्छे खेल मैदान के लिए जगह नहीं होने के कारण बच्चे बारिश में भी खुले में फुटपाथ पर खेलने को मजबूर है। जबकि एक तरफ प्रदेश सरकार खुद खेलों को बढ़ावा देने की बात कर रही है तो वहीं दूसरी ओर विधानसभा 5 में इतनी सरकारी जमीन होने के बावजूद खेल के मैदान के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
खास बात यह है कि बच्चों के लिए हॉकी की प्रैक्टिस और खेलने के लिए मैदान के लिए जगह के लिए लगातार प्रयास करने के बाद भी प्रकाश हॉकी क्लब के जिम्मेदारों को सफलता नहीं मिल पा रही है। बड़ी बात यह है कि इसके लिए प्रकाश हॉकी क्लब के पदाधिकारी लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट से लेकर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया तक से हॉकी मैदान के लिए जगह को लेकर मांग रख चुके हैं।
लेकिन इतने समय बाद भी प्रकाश हॉकी क्लब को मैदान के मामले में सफलता नहीं मिल रही है। प्रकाश हॉकी क्लब के वरिष्ठ कोच अशोक यादव का कहना है कि हॉकी के प्रति युवा और बच्चों में खेल सीखने और खेलने की इच्छा शक्ति तो ध्यान में रखते हुए हम रोजाना मूसाखेड़ी क्षेत्र में डेली कॉलेज गेट के सामने फुटपाथ पर बच्चों को हॉकी की प्रैक्टिस करवा रहें है। क्लब के अध्यक्ष देवकीनंदन सिलावट ने बताया बच्चों को हाकी के प्रति लगन और सीखने की उत्सुकता को देखते हुए प्रकाश हॉकी क्लब के वरिष्ठ कोच अशोक यादव, रैकवार पहलवान सहित अन्य रोजाना बच्चों को तीन से चार घंटे हॉकी की प्रैक्टिस करवाते हैं।
मैदान नहीं होने के बावजूद यहां रोजाना 50 से ज्यादा बच्चे हॉकी सीखने आते हैं। जिनमें 10 से लेकर 18 साल तक के बच्चे शामिल है। सीखने के लिए कुछ युवा कोच भी अपना योगदान देते हैं।
