सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

पहली बार ई-ऑक्शन से प्राधिकरण प्लाट बेचेगा सुपर कॉरिडोर के 25 प्लाट बेचने के लिए निकाले

टेंडर जारी किया जाता था फिर जो लोग यह प्लाट लेने में इच्छुक होते थे उन लोगों के द्वारा टेंडर भर दिया जाता था। इस टेंडर के साथ जरूरी दस्तावेज भी लगा दिए जाते थे। प्राधिकरण के द्वारा एक निश्चित तिथि, निश्चित समय पर यह टेंडर खोला जाता था।

टेंडर में भाग लेने वाले लोगों के द्वारा प्लाट खरीदने के लिए अपनी ओर से ऑफर रेट दिया जाता था। हर टेंडर में हर प्लॉट के लिए प्राधिकरण के द्वारा न्यूनतम कीमत प्रति स्क्वायर फीट की रखी जाती थी। टेंडर में जो व्यक्ति सबसे ज्यादा राशि का ऑफर रेट देता था उसके रेट पर प्राधिकरण की निविदा समिति के द्वारा विचार किया जाता था।

इसके पश्चात प्राधिकरण के संचालक मंडल की बैठक में इस टैंडर पर फैसला लिया जाता था। इस निश्चित प्रक्रिया से अलग हटकर अब प्राधिकरण के द्वारा टेंडर कम आक्शन की नई प्रक्रिया को अपनाया गया है। इस नई प्रक्रिया के अनुसार पहली बार प्राधिकरण के द्वारा प्लांट का विक्रय करने के लिए टेंडर जारी किया गया है।

इस बार प्राधिकरण सुपर कॉरिडोर के विभिन्न सेक्टर में स्थित 25 प्लांट का विक्रय इस निश्चित की गई नई प्रक्रिया से करने जा रहा है। यह सभी प्लाट स्वामी अधिकार यानी कि प्री होल्ड पर रखे गए हैं। प्राधिकरण के द्वारा यह ऐलान किया गया है कि आज 20 अगस्त से यह प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

इसमें 11 सितंबर तक निविदा प्रस्तुत की जा सकेगी। इस निविदा की तकनीकी निविदा 15 सितंबर को खोली जाएगी इसके पश्चात 28 सितंबर को प्रारंभिक वित्तीय निविदा खोली जाएगी। इसके बाद 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक अलग-अलग दिन अलग-अलग प्लाट का ई ऑक्शन होगा।

इसमें हर दिन 5 प्लाट को ई-ऑक्शन के लिए रखा गया है। इसमें हर दिन सुबह 11:30 बजे से ई ऑक्शन शुरू होगा जो कि ढाई बजे तक चलेगा। प्राधिकरण के द्वारा इस तरह पहली बार इस नई प्रक्रिया को अपनाकर 25 प्लाट का विक्रय करने की पहल की गई है।

इस प्रक्रिया में कायदा यह होगा कि टेंडर भरने वाला व्यक्ति जब टेंडर खुलने के बाद यह पाएगा कि उसके द्वारा दिया गया ऑफर रेट कम है और दूसरे लोगों के द्वारा उससे ज्यादा ऑफर रेट दिया गया है तो ई ऑक्शन में इस व्यक्ति के द्वारा अपने ऑफर रेट को बढ़ाया जा सकेगा। ई आक्शन में संबंधित प्लाट के लिए टेंडर भरने वाले लोगों के बीच में खुली प्रतिस्पर्धा होगी। इस प्रतिस्पर्धा का फायदा प्राधिकरण को यह होगा कि उसे प्लाट की ज्यादा से ज्यादा कीमत मिल सकेगी।