सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

निगम की गौशाला का दूध खरीदने वाले नहीं मिल रहे

चाहे शहर में दूध की दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की संख्या हर दिन हर महीने बढ़ जाती हो लेकिन इंदौर नगर निगम की गौशाला में निकलने वाले शुद्ध दूध को खरीदने वाले नहीं मिल पा रहे हैं।

नगर निगम द्वारा आज एक बार फिर एरोड्रम रोड पर स्थित रेशम केंद्र की अपनी गौशाला में निकलने वाले गाय के दूध को बेचने के लिए टेंडर जारी किया गया है। निगम द्वारा शहर में दूध का कारोबार करने वालों से उनके ऑफर बुलवाए गए हैं। निगम की यह गौशाला अब बहुत उन्नत स्वरूप में है।

इस गौशाला में गायों की सही तरीके से देखरेख की जाती है। इसके साथ ही उनके भोजन पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। जो गाय बीमार होती है उसका इलाज भी किया जाता है और उसे पौष्टिक भोजन भी दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि नगर निगम की इस गौशाला से मिलने वाले दूध की मात्रा भी बढ़ते जा रही है।

इस गौशाला की देखरेख करने वाली टीम द्वारा गौशाला में गाय के दूध से अपनी आवश्यकता की पूर्ति की जाती है। इसके बाद भी हर दिन कई 100 लीटर दूध बच जाता है। इस दूध को बेचने के लिए नगर निगम के द्वारा पहले भी दो बार कोशिश की जा चुकी है।

उस समय पर नगर निगम की ओर से टेंडर जारी करके हर महीने के इस दूध को विक्रय करने की कोशिश की गई थी। ऐसी स्थिति में नगर निगम के द्वारा आज एक बार फिर अपनी कोशिश को दोहराया गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस दूध का विक्रय होने से जो राशि प्राप्त होगी उस राशि से इस गौशाला का विकास और गाय की देखरेख के काम को ही किया जाएगा।

ध्यान रहे कि निगम द्वारा एक संत को इस गौशाला के संचालन की व्यवस्था सौपी गई है। इसके बाद से ही गौशाला की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है। इसके पहले तो इस गौशाला की चर्चा यहां पर आए दिन गाय की मौत होने के कारण होती थी।