सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

भारत की रूपा, पिंकी ने टाईब्रेक में टोंगा को हराकर बाउल्स में इतिहास रचने के करीब

5 खिलाड़ियों के मैच में उतार दिए 6 खिलाड़ी, पाकिस्तान की ऐसी शर्मनाक हरकत, अंपायर्स ने दी सजा

ग्लासगो। भारतीय महिला पेयर्स लॉन बाउल्स टीम ने शनिवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सेक्शनल प्ले मैच में टोंगा की पेरिस बेकर और मिलिका नाथन की कड़ी चुनौती को पार करते हुए टाईब्रेक में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत में रूपा रानी टिर्की और पिंकी की अहम भूमिका निभाई।

भारतीय जोड़ी ने पहला सेट गंवा दिया था। टोंगा ने पहला सेट जीत 1-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दूसरे सेट में शानदार खेल के जरिए जवाब दिया। पिंकी ने रूपा रानी को गाइड किया और एक सटीक बाउल डाला जो जैक के करीब खत्म हुआ, जिससे भारत ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

इसी मोमेंटम को बनाए रखते हुए, भारतीय जोड़ी बाकी सेट पर नियंत्रण रखा और इसे 5- 2 से अपने नाम कर लिया और एक और जीत के करीब पहुंच गए। टोंगा पीछे हटने को तैयार नहीं था। बेकर और नाथन ने दूसरे सेट में अपना दबदबा बनाया, और शुरुआती तीन एंड के बाद 6-0 की बड़ी बढ़त बना ली।

रूपा रानी और पिंकी ने आखिर में वापसी की, और कई अच्छे बॉल मारकर स्कोर कम किया, लेकिन यह रिकवरी काफी नहीं थी। टोंगा ने सेट 6-4 से जीतकर टाईब्रेक के लिए मजबूर कर दिया। जब मैच बराबरी पर था, उस समय भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।

रूपा रानी ने तीन पक्की बॉल फेंकी जिसने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। फिर पिंकी ने बहुत ही सटीकता से काम पूरा किया, जिससे भारत ने 2-0 से टाईब्रेक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। यह जीत महिलाओं के पेयर्स कॉम्पिटिशन में भारत की लगातार तीसरी जीत थी।

इससे रूपा रानी टिर्की और पिंकी की सेक्शनल स्टैंडिंग में स्थिति और मजबूत हो गई। उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। इंग्लैंड और भारत दोनों ने विमेंस पेयर्स सेक्शनल प्ले के सेक्शन बी में अपने तीनों मैच जीते हैं।

इंग्लैंड आगे है और टेबल में शीर्ष पर है। नई दिल्ली। भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय फाइव-ए-साइड (पांच-पांच खिलाड़ियों की टीम) हॉकी प्रतियोगिता के दौरान पाकिस्तान के द्वारा छह खिलाड़ियों को मैदान पर उतारने से अंपायरों के दंड के कारण शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

ओमान के मस्कट में खेली जा रही ‘एफआईएच यूथ हॉकी फाइव्स’ एशिया चैंपियनशिप में शुक्रवार को मैच शुरू होने के बाद अंपायरों ने देखा कि पाकिस्तान की ओर से मैदान पर 6 खिलाड़ी मौजूद हैं, जबकि नियमों के अनुसार एक समय में केवल पांच खिलाड़ियों को ही खेलने की अनुमति है।

नियमों के उल्लंघन पर अंपायरों ने पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भेज दिया। इसके बाद पाकिस्तान केवल तीन खिलाड़ियों के साथ खेलता रहा, जिसका भारत ने पूरा फायदा उठाया और आठ गोल दाग दिए। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) के कार्यवाहक अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई और टीम प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। टीम मैनेजमेंट में मुख्य कोच ताहिर जमां के अलावा कोच रेहान बट, कमर इब्राहिम और उमर भुट्टा शामिल हैं।

टीम मैनेजमेंट ने सफाई दी है कि यह गलती खिलाड़ियों और कोचों के बीच संवाद ठीक से नहीं हो पाने के कारण हुई। पाकिस्तान हॉकी टीम से इस तरह की चूक पहले भी हो चुकी है। वर्ष 2022 में जकार्ता में आयोजित पुरुष हॉकी एशिया कप के दौरान जापान के खिलाफ क्वालीफिकेशन मैच में पाकिस्तान का बराबरी का गोल इसलिए रद्द कर दिया गया था क्योंकि उस समय मैदान पर 11 के बजाय 12 खिलाड़ी मौजूद थे।

उस गलती के कारण पाकिस्तान 2023 हॉकी विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका था। इसके बाद तत्कालीन मुख्य कोच ख्वाजा जुनैद पर पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने आजीवन प्रतिबंध लगाया था लेकिन जुनैद फिर से सीनियर टीम के प्रबंधन का हिस्सा हैं।