सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

विधाता ने धरा अन्नदाता का रूप

किसान स्वरूप में सजे रामभक्त हनुमान

देश में पहली बार हुआ ऐसा श्रृंगार

रात तक दर्शनार्थियों की कतार लगी रही।

रामभक्त हनुमान मंदिर में हनुमानजी को किसान स्वरूप में सजाया गया। सम्भवत देश में पहली बार किसी मंदिर में इस थीम पर श्रृंगार हुआ। हनुमानजी, शिवजी, भैरव बाबा को किसान स्वरूप में सजाया गया। वहीं अलग-अलग प्रकार की खेती को दर्शाया गया। फसल की देखभाल, मिट्टी की

दो साल से कर रहे थे सामग्री एकत्रित

जीतू गुरु ने बताया कि इस प्रकार का श्रृंगार करने का विचार दो वर्ष पहले आया था। जिसके बाद से ही इसकी सामग्री एकत्रित की जा रही थी। विभिन्न प्रकार की खेती को दर्शाने के लिए कई सामग्री का उपयोग होना था। इसके लिए दुकानदारों को आर्डर भी दिया था।

धीरे-धीरे सामग्री एकत्रित हुई और तैयारी, रोपण कृसाही, निर्वाह कृषि, मिट्टी से खाद बनाना जैसी चीजें दर्शायी गयी। खेती के प्रकार भी बताए गए। बकायदा अलग- अलग चीजों की खेती के लिए उनके नमूनों के रूप में पौधे लगाकर पूरा मंदिर सजाया गया।

खासतौर पर सौफ की खेती, भुट्टे की खेती, लाल मिर्च की खेती, सनफ्लावर की खेती, धनिये की खेती, पीली सरसों की खेती सहित कई तरह विशेष खेती भी दर्शायी गई। फिर यह श्रृंगार किया गया।