इंदौर लेगा 5 लाख सेग्रीगेशन वाली सेल्फी और बताएगा अपनी स्वच्छता की आदत
महापौर-निगम आयुक्त की अपील कचरा गाड़ी में कचरा देते समय गीले—सूखे कचरे के साथ लें सेल्फी और पोर्टल पर करें अपलोड, 30 जुलाई को इंदौरवासी बनायेंगे रिकॉर्ड
देश में स्वच्छता की अलग पहचान बना चुके इंदौर शहर में अब कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) को और मजबूत बनाने के लिए 30 जुलाई को ‘सेग्रीगेशन वॉल सेल्फी अभियान' आयोजित किया जाएगा। नगर निगम ने इस विशेष अभियान के तहत शहरवासियों से अपील की है कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर कचरा संग्रहण वाहन को सौंपते समय सेग्रीगेशन वॉल के साथ सेल्फी लें और निर्धारित पोर्टल पर उसे अपलोड करें। अभियान का लक्ष्य एक ही दिन में 5 लाख सेग्रीगेशन सेल्फी एकत्रित करना है।
नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों में कचरा पृथक्करण की आदत को और अधिक मजबूत करना तथा स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना है। निगम ने परिवारों, मित्रों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण है।
शहर के करीब 6 लाख घरों में रहने वाले लगभग 28 लाख नागरिक वर्षों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर नगर निगम को सौंप रहे हैं। पिछले लगभग एक दशक में यह व्यवस्था लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है और यही इंदौर की स्वच्छता मॉडल की सबसे बड़ी पहचान भी है। कचरा पृथक्करण के कारण ही शहर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को सफलता मिली है।
इंदौर में संचालित विश्व के दूसरे सबसे बड़े बायो-सीएनजी प्लांट में घरों से अलग-अलग एकत्र किए गए गीले कचरे का उपयोग बायो-सीएनजी गैस और जैविक खाद बनाने में किया जा रहा है। इससे न केवल कचरे का प्रभावी निस्तारण हो रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।
नगर निगम के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण में भी कचरा पृथक्करण एक महत्वपूर्ण मानदंड है। इंदौर का सेग्रीगेशन मॉडल आज देश के कई शहरों के लिए प्रेरणा बना हुआ है और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
सेग्रीगेशन वॉल सेल्फी अभियान के माध्यम से हम हर परिवार को स्वच्छता के इस अभियान से जोड़ना चाहते हैं। सभी नागरिक आगे आएं और सेल्फी लेकर इंदौर की स्वच्छता की पहचान को और मजबूत बनाएं। नागरिक 30 जुलाई को सेग्रीगेशन वॉल के साथ सेल्फी लेकर इस अभियान का हिस्सा बनें और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।'
-पुष्यमित्र भार्गव, महापौर
इंदौर में सेग्रीगेशन की व्यवस्था नागरिकों के सहयोग से देश में एक आदर्श मॉडल बनी है। स्वच्छता सर्वेक्षण में भी कचरा पृथक्करण की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर घर से अलग-अलग कचरा मिलने के कारण ही शहर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और बायो-सीएनजी जैसे बड़े प्रोजेक्ट सफल हो रहे हैं।
