सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

चातुर्मास से कई भामाशाह के दूरी से चर्चा बनी

मुनि सुधासागर म.सा. ने जब उदासीन आश्रम के मंच से चातुर्मास की घोषणा की थी और संत का चातुर्मास उदासीन आश्रम से छत्रपति नगर चातुर्मास परिवर्तित हुआ था तब इसके बाद दिगम्बर जैन समाज के कई भामाशाह ने अघोषित रूप से चातुर्मास से अलग होने का निर्णय ले लिया था। चातुर्मास के चार प्रमुख स्तंभ समिति सदस्यों ने उभरते हुए भामाशाह के निवास स्थान पर जाकर चर्चा भी की थी और यह भी सहमति दी थी कि जैसा वे चाहेंगे वैसी व्यवस्थाएं भी होगी।

सूत्रों का कहना है कि उभरते भामाशाह ने जो एक शर्त रखी थी सख्त थी, जो यह थी कि पूरा चातुर्मास पूर्ण रूप से उनके अनुसार ही संचालित होगा और किसी भी अन्य व्यक्ति का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। चारों भामाशाह ने पूरी तरह समर्पण भी कर दिया था। सभी सदस्यों ने गुरुवर से चातुर्मास का स्थान परिवर्तन करने का निवेदन भी किया था और अब दलालबाग में चातुर्मास होना निश्चित हुआ है, दो दिन बाद संत का मंगल प्रवेश भी बड़ा गणपति से होना है। इसके पूर्व मीटिंग में भी जैन समाज की एक मातृशक्ति भी चर्चा का विषय नाम को लेकर बनी थी।