सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

इंदौर में सजेगा ‘म.प्र. महिला योद्धा कुश्ती' का महादंगल 300 से अधिक महिला पहलवान दिखाएंगी दमखम

प्रबंधन से लेकर रेफरी (निर्णायक) तक पूरी कमान महिलाओं के हाथ

इंदौर। इंदौर के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 18 और 19 जुलाई को खंडवा रोड, लिंबोदी स्थित गंगा गार्डन में दो दिवसीय भव्य 'म.प्र. महिला योद्धा कुश्ती' प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। 'आंचल शिवकर्मास्थली सोशल वेल्फेयर सोसायटी' द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक महादंगल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पूरा मैनेजमेंट और निर्णायक (रेफरी) की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगी।

आयोजन समिति की आयोजक व संयोजक सुमित्रा मिश्रा, अध्यक्ष स्वाति काशिद, सचिव योगिता निचित, बताया कि इस महादंगल में मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से भी 300 से अधिक महिला पहलवान शिरकत करने इंदौर आ रही हैं। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का पूरा प्रबंधन तो महिलाएं कर ही रही हैं, साथ ही सभी निर्णायक (रेफरी) भी महिलाएं ही होंगी। इसके लिए मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की अनुभवी महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है: जिसके तहत वजन समिति में पूजा कुंडू, दीपिका मलिक, सुषमा वंशद्वार एवं रमन यादव में शामिल है।

निर्णायक समिति में दीपिका मलिक, छाया शर्मा, रमन यादव, अनेरी सोनकर, पूजा कुंडू, निलीमा बोरासी एवं सुषमा वंशद्वार में शामिल है। ज्यूरी समिति में प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए देश के जाने-माने अंतरराष्ट्रीय कोच वेदप्रकाश ज्वाला, विजय मिश्रा और विरेंद्र निचित ज्यूरी सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

समिति से जुडी अर्चना दुबे, वर्षा पाराशर, रवीना रघुवंशी, शिवानी रुहेला ने बताया कि यह पूरी प्रतियोगिता मिट्टी के बजाय मेट पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए एक विशाल और भव्य मंच तैयार किया जा रहा है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मेट बिछाई जाएगी। हजारों दर्शकों के बैठने के लिए विशाल गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है।

मैच देखने आने वाली महिला दर्शकों के लिए बैठक की अलग से सुरक्षित व वीआईपी व्यवस्था रहेगी। इस कुश्ती के महाआयोजन के लिए विभिन्न समितियों का प्रभारी व संयोजक प्रीति मिस्त्री, माला सिंह ठाकुर, मीना वर्मा, रूपमति वर्मा, सीमा वर्मा, ममता वर्मा, और संगीता ठाकुर को बनाया गया है। आयोजन समिति ने महिला पहलवानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है, प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 200 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से आने वाली सभी महिला पहलवानों को स्लीपर क्लास रेल टिकट का किराया दिया जाएगा।

दोनों दिन सभी कोच और खिलाड़ियों के रहने व उत्तम भोजन की व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार के साथ-साथ भारतीय शौर्य और परंपरा के प्रतीक स्वरूप पट्टा, त्रिशूल और मुकुट से नवाजा जाएगा।