कई समाज कर रहे हैं कजरी तीज पर आयोजन
आज सावन के बाद भादव पक्ष की तीज पर कई समाज अलग-अलग तीज पर आयोजन कर रहे हैं, जहां सिंधी समाज की मातृशक्तियां तिजड़ी माता का पूजन करते हुए क्रत रखे हुए हैं। वहीं माहेश्वरी समाज की महिलाएं सातुड़ी तीज और चौथ का क्रत एक साथ कर रही है। आज अलग-अलग समाजों की मातृशक्तियां अपने पति की लम्बी उम्र की कामना और परिवार की खुशहाली को लेकर क्रत कर रही है।
आज कजरी तीज पर खासतौर से पति के स्वस्थ और दीर्घायु के साथ सुखी दाम्पत्य जीवन की कामना की जाती है, आज चौथ माता का पूजन भी किया जा रहा है और भगवान गणेशजी का पूजन भी हो रहा है। अखंड सौभाग्य की कामना की जा रही है। माता पार्वती का भी पूजन हो रहा है और हर मातृशक्ति शाम को कथावार्ता सुनकर चन्द्रमा का पूजन उदय होने पर करेगी और अर्घ्य देने के बाद दिन भर के उपवास को पूर्ण कर भोजन ग्रहण करेंगी।
आज संयोग से तीज के साथ चौथ का क्रत भी शामिल है जिसे आज बहुला चौथ कहा जा रहा है, आज इस चौथ पर माताएं भी क्रत रख रही है और अपनी संतान की लम्बी उम्र की कामना और पति की लम्बी उम्र की कामना की जा रही है। कई समाजों में आज गौ पूजन भी किया जा रहा है। कुछ समाजों ने भगवान कृष्ण का तो कुछ ने माता पार्वती, तो कुछ भगवान गणेशजी का पूजन किया।
तीज की तिथि कल रात से ही शुरू हो गई थी, लेकिन चतुर्थी की तिथि आज सुबह 8.30 बजे से शुरू हुई। इसलिए तीज और चतुर्थी दोनों एक साथ आज मातृशक्तियां कर रही है और क्रत के माध्यम से ये मातृशक्तियां पति, परिवार की खुशहाली की कामना भी प्रभु से कर रही है। कई संस्थानों ने आज दोपहर में क्रती महिलाओं के लिए कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।
