सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

स्थायी वारंटी को छुड़ाने के लिए खाकी पर टूटा परिवार

एसआई और आरक्षक पर लाठी-डंडों से हमला, 4 पर केस दर्ज, पंजरिया गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम को परिजनों ने घेरा, घायल उप निरीक्षक और आरक्षक अस्पताल में भर्ती, आरोपी फरार

जिले के बड़गोंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंजरिया में शुक्रवार दोपहर पुलिस टीम पर हमले की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। वर्षों से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उसके परिजनों ने कानून को ताक पर रखकर पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक उप निरीक्षक और एक आरक्षक गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए, जिन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

बड़गोंदा थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की एक विशेष टीम लंबे समय से फरार स्थायी वारंटी रामगोपाल को गिरफ्तार करने के लिए ग्राम पंजरिया गई थी। पुलिस टीम ने जैसे ही घेराबंदी कर वारंटी रामगोपाल को अपनी हिरासत में लिया, वैसे ही उसके परिजन आक्रोशित हो गए। आरोपी के बेटे विपिन यादव, गणेश यादव, रामगोपाल की पत्नी और उसके पिता तोलाराम यादव ने एकजुट होकर पुलिस दल पर धावा बोल दिया और रामगोपाल को छुड़ाने की नीयत से ताबड़तोड़ लाठियां बरसाना शुरू कर दीं।

इस अचानक हुए हमले में उप निरीक्षक महेश ओसारी के चेहरे और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं, जबकि आरक्षक कैलाश बघेल की पीठ और कमर पर जानलेवा वार किए गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़गोंदा थाने से अतिरिक्त पुलिस बल तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। हालांकि, पुलिस के अतिरिक्त बल के पहुंचने की आहट मिलते ही हमलावर परिजन और वारंटी मौके से भाग निकले।

पुलिस ने घायल उप निरीक्षक और आरक्षक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायल उप निरीक्षक महेश ओसारी की शिकायत पर बड़गोंदा थाना पुलिस ने आरोपी विपिन यादव, गणेश यादव, तोलाराम यादव और रामगोपाल की पत्नी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, बलवा और मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।