अहिल्या पथ योजना निरस्त करने की मांग
भारतीय किसान मजदूर सेना ने शासन-प्रशासन और आईडीए बोर्ड से ‘अहिल्यापथ योजना’ को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। अध्यक्ष बबलू जाधव ने कहा कि इन्दौर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक मंगलवार को होने वाली है, वह बैठक भी अभी निरस्त होना चाहिए। अहिल्या पथ योजना निरस्त कर शासन को चाहिए कि वह किसानों की जमीन बचाए।
जाधव ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। योजना के नाम पर किसानों की बची हुई उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहण या योजना में शामिल करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों का कहना है कि नैनोद, रिजलाई, बुढ़ानिया, बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, लिम्बोदागारी, रेवती, बरदरी सहित आसपास के गांवों के किसान पहले ही सुपर कॉरिडोर, मेडिकल हब, हाउसिंग बोर्ड, टीपीएस-10 तथा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे जैसी विकास परियोजनाओं के लिए अपनी सैकड़ों
सरकार इस पूरे मामले में किसानों के सामने स्पष्ट जवाब रखे। एकड़ उपजाऊ जमीन दे चुके हैं। अब किसानों के पास सीमित कृषि भूमि ही शेष है। ऐसी स्थिति में नई योजना थोपना किसानों को भूमिहीन बनाने की दिशा में कदम होगा।
सिंहस्थ के नाम पर किसानों की जमीन क्यों?
भारतीय किसान मजदूर सेना ने सवाल उठाया कि यदि सिंहस्थ के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण पहले से किया जा रहा है, तो उसी उद्देश्य के नाम पर किसानों की जमीन को दोबारा योजना में शामिल करने की आवश्यकता क्या है? संगठन ने मांग की कि
