सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

आज सारांश पर रहेगी निगाहें, बल्लेबाजी में भी करते हैं कमाल

इंदौर। मध्यप्रदेश और इंदौर के ऑलराउंडर सारांश जैन ने 33 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम में डेब्यू कर क्रिकेट जगत में अपनी मेहनत का लोहा मनवा दिया है। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में सारांश को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया।

बीमार चल रहे कुलदीप यादव की जगह टीम में आए सारांश को दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने डेब्यू कैप सौंपी। आज सारांश पर सबकी निगाहे होंगी वे कल 4 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे, आज उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। यदि वे अच्छी बल्लेबाजी करते है तो टीम में अपना स्थान पक्का करने की बड़ी पहल होगी।

रविवार को उनके डेब्यू की खबर मिलते ही इंदौर के खेल प्रेमियों, होलकर स्टेडियम और स्थानीय क्लबों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके साथ खेले कई क्रिकेटर और वर्तमान के साथियों ने खुशी जताई।

वहीं एमपीसीए के पदाधिकारियों ने भी सारांश को बधाई दी। शहर में क्रिकेट प्रेमियों ने आतिशबाजी कर और मिठाइयां बांटकर इस खास उपलब्धि का जश्न मनाया। सारांश के पिता सुबोध जैन भी रणजी क्रिकेटर रहे है और उन्हें कैंसर होने पर भी सारांश को खेलते रहने की सलाह दी थी, जिसका परिणाम है कि आज सारांश 33 साल की उम्र में भी टेस्ट डेब्यू कर पा रहे है।

मेहनत और संघर्ष से तय

किया सफर- घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश जैन का यह चयन बरसों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और भारत-ए के दौरों पर गेंद और बल्ले दोनों से लगातार मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। सारांश जैन ऑलराउंडर हैं। वह ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। 54 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 31.75 की औसत से 2223 रन बनाए और 188 विकेट चटकाए। सारांश अश्विन को अपना आइडल मानते हैं।