अब नॉकआउट में हर इंदौर के सारांश की दूसरे मैच जीतना होगा टेस्ट में डेब्यू की उम्मीद
एम्स्टलवेन। भारत पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के दूसरे राउंड में पहुंच चुका है। टीम ने अपने पूल डी के आखिरी मैच में पाकिस्तान को 5-3 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम अपने पूल में दूसरे नंबर पर रहते हुए दूसरे राउंड में पहुंची।
इस जीत से अब भारत पूल ई में पहुंच गया है। यहां टीम को दो मुकाबले खेलने हैं और सेमीफाइनल में जाने के लिए टॉप-2 टीमों में रहना होगा। पूल ई में भारत के अलावा इंग्लैंड, नीदरलैंड और अर्जेंटीना की टीम है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत को पहले राउंड में हार मिली थी।
इस मैच का नतीजा दूसरे राउंड में कैरी फॉरवर्ड हुआ है। इसकी वजह से भारत को दूसरे राउंड में एक मैच में जीरो पॉइंट हैं जबकि इंग्लैंड के तीन पॉइंट। उसी तरह नीदरलैंड के तीन तो अर्जेंटीना के जीरो पॉइंट हैं। पुरुषों के साथ ही महिला हॉकी विश्व कप भी खेली जा रही है।
इसमें भी भारतीय टीम ने दूसरे राउंड में जगह बना ली है। भारत ने साउथ अप्रीका को हराया जबकि इंग्लैंड और चीन को बराबरी पर रोक दिया। इसकी वजह से दूसरे राउंड में जगह मिली। ग्रुप ई में भारत के अलावा नीदरलैंड, चीन और ऑस्ट्रेलिया की टीमें हैं।
21 अगस्त को भारत का सामना नीदरलैंड तो 23 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया से होगा। खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट बड़ा फेरबदल कर सकता है। मध्य प्रदेश के 33 वर्षीय ऑलराउंडर सारांश जैन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, सेलेक्टर और टीम मैनेजमेंट उन्हें कोलंबो टेस्ट की प्लेइंग 11 में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
यदि सारांश को प्लेइंग-11 में जगह मिलती है तो कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ सकता है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने भले ही 165 रनों से शानदार जीत दर्ज की हो, लेकिन घुमावदार पिच पर कुलदीप का प्रदर्शन बेहद साधारण रहा था। उन्होंने मैच में 103 रन देकर सिर्फ एक ही सफलता हासिल की थी जबकि इसी पिच पर साथी स्पिनर मानव सुथार ने 10 विकेट झटके और रविंद्र जडेजा ने चार शिकार किए।
31 मार्च 1993 को इंदौर में जन्मे सारांश जैन के लिए टीम इंडिया तक का सफर आसान नहीं रहा है। उनके पिता सुबोध जैन जिनका सपना भारत के लिए खेलने का था। शुरुआत में सारांश के बड़े भाई पर ध्यान केंद्रित था, लेकिन करियर आगे न बढ़ने पर सारांश को आगे बढ़ाया गया।
इंदौर के विजय क्लब में अभ्यास के दौरान ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर उनके पिता को कैंसर का पता चला जिसकी सर्जरी हुई। गंभीर स्थिति में भी उनके पिता ने एक पर्ची पर लिखकर सारांश से केवल क्रिकेट पर ध्यान लगाने को कहा था जिसे सारांश आज भी अपने साथ रखते हैं।
घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन के बल पर ही सारांश ने टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाया है। मध्य प्रदेश को 2021-22 में पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही जहां उन्होंने नॉकआउट मैचों में 13 विकेट लिए और फाइनल में मुंबई के खिलाफ 57 रनों की जुझारू पारी खेली। इसके बाद 2022-23 सत्र में 35 विकेट और 360 रन बनाकर उन्होंने लाला अमरनाथ सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का पुरस्कार जीता।
