खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों से निकले 1.76 करोड़
पिछली बार से 39 लाख रु ज्यादा मिलें, सिक्कों की गिनती बाकी पुजारियों द्वारा रखे गए पात्रों को हटवाने का दिखा असर
वाहन पूजा की रसीद सख्ती से कटे तो बढ़ जाएगी राशि
गणेश मंदिर की दान पेटियों से 1.76 करोड़ रुपए की राशि निकली है, जो कि पिछली बार की तुलना में 39 लाख रुपए ज्यादा है। अभी सिक्कों की गिनती बाकी है।
खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों की राशि की गिनती पिछले एक सप्ताह से चल रही है। बताया जाता है कि लगभग तीन माह के अंतराल में खोली गई दान पेटियों से अब तक एक करोड़ 76 लाख की दान राशि निकल चुकी है। जबकि अभी 2-3 लाख की चिल्लर की गिनती होना बाकी है।
बताया जाता है कि पिछली बार भी तीन माह के अंतराल में खोली गई दान पेटियों से एक करोड़ 37 लाख की दान राशि निकली थी। इस बार पिछली बार से 39 लाख रुपए की राशि ज्यादा निकल चुकी है। जिला कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा द्वारा पिछले पिछले माह मंदिर में पुजारियों द्वारा रखे जाने वाले पात्रों को हटवा दिया गया है।
इसका सीधा असर दान पेटियों से निकलने वाली राशि पर पड़ा है। बताया जाता है कि पुजारी परिवारों को प्रबंधन समिति द्वारा प्रतिमाह पूजा पाठ के एवज में प्रत्येक परिवार को पौने दो लाख रुपए की राशि दी जाती है। इसके बावजूद भी मंदिर विधान को दरकिनार कर पुजारियों द्वारा पात्र रखकर दान राशि ली जा रही थी।
जिस पर कलेक्टर ने सख्ती से रोक लगा दी। दान पेटियों से निकली राशि से मंदिर के विकास कार्य किए जाते हैं। महानगर का रूप ले रहे इंदौर में रोजाना टू-व्हीलर, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर और बड़े वाहन तक खरीदे जाते हैं और इनमें से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खजराना गणेश पूजा के लिए पहुंचते हैं।
वाहनों की पूजा करवाने के लिए मंदिर समिति द्वारा रसीद काटी जाती है लेकिन कई बार यह व्यवस्था प्रभावित हो जाती है और पूजा करने वाले पुजारियों को इसका लाभ मिलता है। ऐसे में अगर वाहन पूजन की रसीद पर सख्ती की जाए तो दान राशि में भी बढ़ोत्री होगी।
