सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

शुभमन गिल के पास डब्ल्यूटीसी में सर्वाधिक रन बनाने का मौका

मेसी को केरल लाने का वादा था, होगी जांच

नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में शनिवार से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम की कमान युवा स्टार शुभमन गिल के हाथों में होगी। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे गिल के पास इस सीरीज के दौरान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराने का बेहतरीन मौका होगा।

यदि वे दो मैचों में महज 157 रन और बना लेते हैं तो डब्ल्यूटीसी में 3000 रन का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल गिल ने 40 डब्ल्यूटीसी मुकाबलों की 73 पारियों में 43.07 की औसत से 2843 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं। उनके इस रिकॉर्ड के आसपास भी फिलहाल कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं है।

भारत के लिए इस सूची में दूसरे नंबर पर विकेटकीपर बल्लेबाज त्रषभ पंत (2780 रन) और तीसरे स्थान पर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (2,716 रन) हैं। वहीं, पूरी दुनिया की बात करें तो डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (6651 रन) के नाम दर्ज है।

भारत की ओर से डब्ल्यूटीसी इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी: शुभमन गिल: 40 मैच,

73 पारियां, 2,843 रन (सर्वश्रेष्ठ: 269, औसत: 43.07, शतक: 10, अर्धशतक: 8)

त्रषभ पंत: 40 मैच, 71 पारियां, 2,780 रन (सर्वश्रेष्ठ: 146, औसत: 41.49, शतक: अर्धशतक: 16)

रोहित शर्मा: 40 मैच, 69 पारियां, 2,716 रन (सर्वश्रेष्ठ: 212, औसत: 41.15, शतक: 9, अर्धशतक)

विराट कोहली: 46 मैच, 79 पारियां, 2,617 रन (सर्वश्रेष्ठ: 254*, औसत: 35.36, शतक: 5, अर्धशतक: 11)

रविंद्र जडेजा: 48 मैच, 73 पारियां, 2,610 रन (सर्वश्रेष्ठ: 175, औसत: 42.78, शतक: 5, अर्धशतक: 18)

इस मामले में भी निकल जाएंगे सबसे आगे- इसके अलावा कप्तानी के मोर्चे पर भी गिल एक नया मुकाम हासिल करने की कगार पर हैं। मौजूदा 2025-27 डब्ल्यूटीसी में वे बतौर भारतीय कप्तान 8 मैचों में 950 रन बना चुके हैं। अगर वे श्रीलंका के खिलाफ केवल 50 रन और जोड़ लेते हैं, तो वे किसी एक डब्ल्यूटीसी चक्र में 1000 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय कप्तान बन जाएंगे।

विराट कोहली (2019-21 में 934 रन) और रोहित शर्मा (2023-25 में 864 रन) भी कप्तान रहते हुए एक चक्र में यह कारनामा नहीं कर सके थे। एक खिलाड़ी के तौर पर एक ही डब्ल्यूटीसी चक्र में 1000 से अधिक रन बनाने की बात करें तो अब तक भारत के केवल अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने ही यह रिकॉर्ड हासिल किया है। आगामी सीरीज में 50 रन बनाते ही गिल इस खास लिस्ट में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।

नई दिल्ली। लियोनल मेसी और अर्जेंटीना की विश्व कप विजेता टीम को केरल लाने का वादा आखिर क्यों पूरा नहीं हुआ, इस सवाल ने अब नया मोड़ ले लिया है। पिछली सरकार के कार्यकाल में किए गए इस एलान को लेकर उठे सवालों की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सरकार तक पहुंच गई है।

हालांकि, रिपोर्ट में क्या सामने आया है, इसे लेकर फिलहाल सरकार ने चुप्पी साध रखी है। इसी वजह से अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या मिला और सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

केरल के खेल मंत्री ओ जे जनीश ने बताया कि खेल विभाग ने मेसी और अर्जेंटीना टीम के प्रस्तावित केरल दौरे को लेकर अपनी जांच पूरी कर ली है। खेल विभाग के विशेष सचिव ने विभाग के पास मौजूद फाइलों की जांच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट को अब आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। हालांकि, मंत्री ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, रिपोर्ट

उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विद्यालय के तीन प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन इंदौर जिला बेसबॉल टीम में हुआ है। अमीर अब्बासी (अंडर-14 वर्ग), अल़ीजा खान (अंडर-14 बालिका वर्ग) तथा रिफत नूर (अंडर-17 वर्ग) में खेलेंगे।

इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय की प्राचार्या माला जॉन, कोचेस फरहान खान एवं लीशा शेख तथा इस्लामिया करीमिया सोसाइटी की प्रबंध समिति ने सभी विजेता एवं चयनित खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सरकार को बेहद गोपनीय तरीके से सौंपी गई है। फिलहाल मैं सिर्फ इतना ही बता सकता हूं। सरकार इस पर उचित फैसला लेगी और सभी को इसकी जानकारी देगी।

खेल मंत्री के मुताबिक, मीडिया और फुटबॉल प्रशंसक लगातार सवाल उठा रहे थे कि पिछली सरकार की ओर से मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने की घोषणा आखिर पूरी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि फुटबॉल प्रशंसकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद विभाग ने उपलब्ध तथ्यों की जांच की और उसे लगा कि मामले में आगे जांच की जरूरत है। जांच में यह भी देखा गया कि किसी अंतरराष्ट्रीय टीम या खिलाड़ी को भारत लाने के लिए देश में लागू नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।