सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

1.16 करोड के खर्च से यातायात सुरक्षा का फैसला, निगम से यातायात विभाग ने की पहल

नगर निगम के द्वारा 1.6 करोड रुपए खर्च कर यातायात सुरक्षा करने का फैसला लिया गया है। निगम की यातायात विभाग के द्वारा इसकी पहल कर दी गई है।

इंदौर शहर में यातायात की स्थिति कितनी खराब है इसकी जानकारी तो शहर के किसी भी वाहन चालक से ली जा सकती है। शाम के समय पर शहर की सड़क पर निकल जाओ तो हर चौराहे पर जाम लगने के हालात नजर आते हैं। शहर के मध्य का क्षेत्र हो या बाहर का क्षेत्र हो इसमें कहीं कोई अंतर नजर नहीं आता है।

इंदौर शहर की पहचान यहां का खराब यातायात बनते जा रहा है। भवन में पार्किंग की जगह नहीं होने के कारण सभी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी की जाती है। ऐसे में गाड़ियां खड़ी होने के कारण सड़क का स्थान पार्किंग में चला जाता है और वहां से वाहनों के गुजरने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती है।

शहर की यातायात की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इंदौर नगर निगम जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के द्वारा बहुत प्रयोग किए गए हैं। अभी भी प्रयोग करने का सिलसिला जारी है। हर एक महीने में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुलाकर विशेषज्ञों के साथ इस बात पर भी चर्चा की जाती है कि शहर के यातायात को कैसे अच्छा बनाया जाए। इन सारी कोशिशें, प्रयोग और चर्चाओं का कोई सकारात्मक परिणाम शहर में नजर नहीं आता है।

नगर निगम के यातायात विभाग के द्वारा अब यातायात सुरक्षा की दृष्टि से शहर के सभी 22 जोनल कार्यालय के क्षेत्र में स्थित विभिन्न स्थान चौराहा, मुख्य मार्ग और सड़क पर लगने वाले साइन बोर्ड, जेंट्री बोर्ड बनाने और उनकी रिपेयरिंग करने का काम करवाने का फैसला लिया गया है। इस कार्य को करवाने में जोन क्रमांक 1 से 11 तक के क्षेत्र में 42 लाख रुपए और जोन क्रमांक 12 से 22 तक के क्षेत्र में 74 लाख रुपए का खर्च होगा। वैसे तो यह सब को मालूम है कि इस तरह के बोर्ड लगाने या उन्हें सुधारने से यातायात में कहीं कोई फर्क नहीं पड़ता है।

इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों को लगता है इस तरह का बोर्ड लगा दिए जाने से यातायात की सुरक्षा होती है। यही कारण है कि निगम के अधिकारियों के द्वारा इस कार्य पर 1.16 करोड रुपए खर्च करने की पहल की जा रही है।