सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

संपादकीय छह महीने की संवैधानिक सीमा के बाद भी मंत्री! बिहार सरकार से सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल बि

लेकिन राजनीतिक नैतिकता की कसौटी पर इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह विचित्र विडंबना है कि संविधान में दर्ज जिन नियम-कायदों का पालन न केवल तकनीकी दृष्टि से, बल्कि नैतिकता की कसौटी पर भी जरूरी होना चाहिए, उन्हें ताक पर रखकर कई बार सरकारें अपनी सुविधा के मुताबिक तर्क गढ़ लेती हैं। बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया था।

मगर बीच में ही नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया और उसके बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित नई सरकार में दीपक प्रकाश को दोबारा मंत्री पद मिला। यों संविधान के अनुच्छेद 164(4) में यह प्रावधान है कि विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हुए बिना किसी को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन छह महीने के भीतर उसे किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा। दीपक प्रकाश के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर यह सवाल उठाया गया है कि छह महीने के बाद भी विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं बनने के बावजूद एक व्यक्ति को अगर मंत्री बनाए रखा जाता है, तो क्या इसे नैतिक और कानूनी दृष्टि से उचित माना जा सकता है?

इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा है कि कोई मंत्री बिना चुने गए छह महीने से ज्यादा समय तक अपने पद पर कैसे बना हुआ है। अदालत ने साफ कहा कि यह पूरी तरह कानून का मामला है। इस संबंध में बिहार में नई सरकार बनने और दीपक प्रकाश के दोबारा मंत्री बनने की दलील भले दी जाए, लेकिन राजनीतिक नैतिकता की कसौटी पर इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता।

हालांकि करीब पच्चीस साल पहले पंजाब के इसी तरह के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि संविधान का अनुच्छेद 164(4) केवल एक बार अस्थायी छूट देता है। अदालत ने छह महीने पूरे होने के बाद बिना विधायक बने मंत्री बनाना संविधान के साथ छल माना था। अब बिहार में विधान परिषद से एक सदस्य के इस्तीफे के बाद नई तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है।

मगर यह देखने की बात होगी कि सुप्रीम कोर्ट दीपक प्रकाश के मामले में क्या फैसला देता है। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि किसी प्रावधान की धुंधली व्याख्या करके तात्कालिक लाभ तो उठा लिया जाता है, लेकिन इस क्रम में हुआ नुकसान दीर्घकालिक होता है।