सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

मां की जिम्मेदारी के साथ देश के लिए जीता मेडल

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गुरुवार देर रात स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में आयोजित विमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में भारत की सीमा कालीरमन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। जमैका की सामंथा हॉल ने गोल्ड जबकि कनाडा की जूलिया टंक्स ने सिल्वर जीता।

सीमा कालीरमन ने 58.65 मीटर का बेस्ट थ्रो करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यह दूरी तय कर पोडियम पर जगह बनाई। सीमा कालीरमन का मेडल भारतीय एथलेटिक्स की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है। हरियाणा की रहने वाली 27 साल सीमा न केवल एक बेहतरीन एथलीट हैं, बल्कि भिवानी की चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी कर रही हैं।

पढ़ाई और खेल के बीच तालमेल बिठाने के साथ-साथ वह मां की भी जिम्मेदारी निभा रही हैं। 2022 में उनके बेटे रुद्र का जन्म हुआ था।

बेटे के जन्म की वजह से सीमा को दो सीजन बाहर बैठना पड़ा था। लेकिन रुद्र के जन्म के सिर्फ 11 महीने बाद ही सीमा ने कॉम्पिटिटिव ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। अब उनके कोच उनके पति रविंदर हैं। वे खुद भी नेशनल लेवल के डिस्कस थ्रोअर रह चुके हैं। सीमा के लिए वापसी बिल्कुल भी आसान नहीं थी। प्रेग्नेंसी के बाद अपनी ताकत और तकनीक को फिर से हासिल