पैसों के संकट ने रोकी मेंटल हॉस्पिटल निर्माण की रफ्तार
22 करोड़ लागत वाले अस्पताल में 85 फीसदी से ज्यादा काम होने के बावजूद नई यूनिट शुरू होने का इंतजार 55 हजार वर्गफीट खाली जमीन पर हो रहा निर्माण
पैसों के संकट ने 22 करोड़ से ज्यादा की लागत से बाणगंगा क्षेत्र में बन रहे मेंटल हॉस्पिटल की नई यूनिट निर्माण की ऱफ्तार ही रोक दी। हालत यह है कि नई बिल्डिंग का 85 फीस जिससे ज्यादा काम हो जाने के बाद भी इसके जल्द शुरू होने को लेकर इंतजार हो रहा है। जबकि पिछले लगभग दो साल से मेंटल हॉस्पिटल की नई यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा था।
यही नहीं जबकि ज्यादातर काम पूरे भी हो चुके है। उसके बावजूद फिनिशिंग के अंतिम दौर और आधुनिक मशीनें इंस्टॉलेशन कार्य बाकी होने के साथ लास्ट टाइम में बजट और पैसों के संकट के कारण काम की ऱफ्तार ढीली पड़ गई। गौरतलब है कि बाणगंगा क्षेत्र में पुराने मेंटल हॉस्पिटल के पास खाली पड़ी करीब 55 हजार वर्गफीट जमीन पर 22 करोड़ की लागत से मेंटल हॉस्पिटल की नई यूनिट का निर्माण कार्य करीब 2 साल से भी ज्यादा समय से चल रहा है।
उसके बावजूद अब अंतिम दौर के काम में पैसों के संकट और मशीनें इंस्टालेशन और फिनिशिंग सहित अन्य कार्य बाकी होने से निर्माण की रफ्तार ठंडी पड़ गई। जबकि तय समय सीमा के हिसाब से अब तक तो नई यूनिट तैयार होकर शुरू भी हो जाना थी।
प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरो के मुताबिक मानसिक अस्पताल की नई यूनिट के निर्माण के अंतर्गत छात्रों की सुविधा के लिए 60 सीटर के दो आधुनिक हॉस्टल और नवीन ओपीडी भवन सहित अन्य कार्य एकदम अंतिम दौर में चल रहे थे। यही नहीं ज्यादातर कार्य पूरे भी हो चुके हैं केवल अंतिम दौर के कार्य फिनिशिंग सहित लगभग 8 से 10 करोड़ के बजट में इंस्टॉलेशन और मशीन खरीदी सहित अन्य कार्य बाकी है। जिसके कारण फिलहाल काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
हालांकि अफसरों का कहना है कि शेष बजट के लिए शासन स्तर पर मंजूरी का इंतजार है, जल्द बजट की विभागीय मंजूरी मिलते ही दोबारा काम शुरू कर तेजी के साथ पूरा करवाया जाएगा। बताया जा रहा है कि यहां लोगों की काउंसलिंग कर उनको नशे से दूर रहने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा उनका इलाज भी नई आधुनिक तकनीक से किया जाएगा।
इसके लिए यहां आधुनिक रिसर्च सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। जहां अनुभवी डॉक्टरों की टीम बेहतर इलाज करेगी। साथ ही अलग से एक रिसर्च सेंटर भी तैयार हो रहा है जहां छात्रों द्वारा नए-नए रिसर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के पीआईयू विभाग द्वारा इस नवीन यूनिट के निर्माण का कार्य पूरा करवाया जा रहा है।
जिसके अंतर्गत बिल्डिंग का स्ट्रक्चर और अन्य काम पूरे हो चुके हैं। वहीं फिनिशिंग कार्य, लाइट फिटिंग, मशीनें इंस्टॉलेशन सहित शेष बचे कार्य जो कि आधे से ज्यादा पूरे हो चुके हैं, बजट मंजूरी के बाद जल्द बचे काम पूरे कर लिए जाएंगे।
