सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

कलेक्टर कार्यालय में पदोन्नति सूची जारी होने के पूर्व ही रोकी

कलेक्टर कार्यालय में पदोन्नति की सूची जारी होने से पूर्व ही रोक दी गई है। इसके पीछे कारण राज्य सरकार के द्वारा जारी किए गए आदेश हैं। जो सूची जारी की जा रही थी उसमें इन आदेशों की अनदेखी की गई थी।

जिले में जल्दबाजी में कर्मचारियों की पदोन्नति करने की तैयारी कर दी गई और सामान्य प्रशासन विभाग के नियम व निर्देश पर ध्यान ही नहीं दिया। जब उज्जैन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी के पद पर की गई पदोन्नति में सीपीसीटी के निर्देशों का पालन नहीं होने पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिए गए कार्रवाई के निर्देश सामने आने के बाद अन्य सूची जारी कर तृतीय श्रेणी में पदोन्नति होने वाले कर्मचारियों की सूची रोक ली गई।

जिले के 15 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो हायर सेकेंडरी कक्षा उत्तीर्ण नहीं है उन्हें पदोन्नति करने की तैयारी पूरी कर सूची जारी की जाने वाली थी। उसके पूर्व ही सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश सामने आए। पदोन्नति के समय कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

उज्जैन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की गई पदोन्नति में नियम की अनूढ़ेगी को चलते दिए गए कार्रवाई के निर्देश के बाद स्थापना शाखा प्रभारी अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य और एसडीएम अलका वामनकर ने यह सूची जारी करने से पहले ही रोक ली। बताया जाता है कि जिन 15 कर्मचारियों को पदोन्नत किया जा रहा था उनमें से लगभग 6 ने सीपीसीटी की परीक्षा उत्तीर्ण ही नहीं की है। अब नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है इसके बाद पदोन्नति आदेश जारी होंगे।

जबकि सामान्य प्रशासन विभाग मई में ही पदोन्नति को लेकर स्पष्ट निर्देश दे चुका है कि 40 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को भी सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करना

गोपनीय प्रतिवेदन में उलझे कई प्रवाचक

जिले में तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी के रूप में पदोन्नति किए गए कर्मचारियों की जो सूची तैयार की गई उसमें विभाग कई कर्मचारियों को शामिल ही नहीं कर पाया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय रहते सूचना नहीं दी गई की गोपनीय प्रतिवेदन तुरंत जमा करना है। प्रतीक कर्मचारी

जिम्मेदारों ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। जिसके चलते जिले के लगभग पांच प्रतिशत श्रेणी कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी का गोपनीय प्रतिवेदन जमा होने के बाद अक्टूबर माह के आसपास फिर से पदोन्नति सूची जारी की जा सकती है। अनिवार्य होगा। उक्त निर्देश पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया और जल्दबाजी में पदोन्नति की तैयारी कर ली थी।

का ग्रुप में प्रतिवेदन शाखा के माध्यम से तैयार होकर जमा किया जाता है किंतु