नामांतरण घोटाले की जांच निगम लोकायुक्त पुलिस को सौंपे
निगम आयुक्त से मुलाकात में नेता प्रतिपक्ष ने रखी मांग चंदन नगर, सुभाष मार्ग सड़क की भी चौड़ाई कम की जाए
इंदौर नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने मांग की है कि नगर निगम के द्वारा नामांतरण घोटाले की जांच लोकायुक्त पुलिस को सौंप दी जाएं। इससे आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और आगे से इस तरह की घटना भी नहीं होगी। मिमरोट ने यह मांग कल कांग्रेस पार्षदों के साथ नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से मुलाकात के दौरान की।
निगम आयुक्त के द्वारा कल शाम को कांग्रेस के पार्षदों के साथ शहर के बहुत से मुद्दों पर चर्चा की गई। इस चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष के द्वारा निगम आयुक्त से कहा गया कि इस नामांतरण घोटाले के कारण इंदौर नगर निगम की साख गिरी है। इस मामले में निगम के द्वारा अभी तक कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं करवाई गई है।
ऐसे में जरूरी है कि इस मामले की जांच लोकायुक्त पुलिस को सौंप दी जाएं ताकि इस घटना के आरोपियों को कड़ी सजा मिले और इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति भी रुक जाएं। इस मुलाकात के दौरान मिमरोट के द्वारा भागीरथपुरा में हुए जल हादसे के दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम के द्वारा शहर के अलग-अलग क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी में एक समान मात्रा में जल भरा जाएं।
प्रभावशाली लोगों के क्षेत्र की टंकी में ज्यादा पानी भरने का सिलसिला बंद किया जाएं। इस चर्चा के दौरान मिमरोट के द्वारा मास्टर प्लान की सड़क की चौड़ाई का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि हाल ही में नगर निगम के द्वारा कुछ सड़कों का निर्माण मास्टर प्लान में निर्धारित चौड़ाई से कम चौड़ाई में किया जा रहा है।
जब कुछ स्थानों पर इस तरह की व्यवस्था की गई है तो फिर सुभाष मार्ग और चंदन नगर में भी सड़क का निर्माण कम चौड़ाई में किया जाएं। इस पर आयुक्त के द्वारा कहा गया कि कम चौड़ाई में सड़क बनाने का फैसला शासन के स्तर पर लिया गया। हमें तो जो संदेश मिला हमने उसका पालन किया।
