हरारे में हार के डर के बीच जिम्बाब्वे से भिड़ेगी भारतीय टीम, श्रेयस अय्यर पहली जीत की तलाश में
हरारे। भारत और जिम्बाब्वे के मध्य आज से टी-20 सीरीज शुरू हो रही है। हालांकि, सिर्फ चार दिन के भीतर ये सीरीज समाप्त भी हो जाएगी। 3 मैचों की यह सीरीज 23 जुलाई से शुरू होकर 26 जुलाई तक ही चलेगी। इस द्विपक्षीय सीरीज में टीम इंडिया पर बहुत ज्यादा दबाव होगा।
खासकर कप्तान श्रेयस अय्यर दबाव महसूस कर रहे होंगे, क्योंकि उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाली टीम की कमान मिली, लेकिन अब तक सात मैचों में से एक भी मैच में जीत नहीं मिली है। 6 मैच भारत हार चुका है, जिनमें से दो मैच आयरलैंड के खिलाफ भी खेले गए थे।
वैसे तो अमूमन जब टीम इंडिया जिम्बाब्वे के दौरे पर जाती है तो पसंदीदा ही होती है, लेकिन इस बार इस टैग को टीम इंडिया को पूरी तरह नहीं दिया जा सकता। इसके पीछे के दो कारण हैं। एक तो यह कि भारतीय टीम पिछले सात मैचों में से एक भी मैच टी20 क्रिकेट में नहीं जीती है, जबकि दूसरा यह कि जिम्बाब्वे ने अपनी सरजमीं पर पिछले कुछ समय में अच्छी क्रिकेट खेली है।
इन सभी चीजों को मिलाया जाए तो दबाव मेजबानों पर नहीं, बल्कि श्रेयस अय्यर और उनके लड़ाकों पर होगा, क्योंकि भारतीय टीम विश्व चैंपियन भी है।
श्रेयस अय्यर को मिली चैंपियन टीम की कप्तानी—
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया मार्च की शुरुआत में लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप चैंपियन बनी थी, लेकिन सिलेक्टर्स ने उन्हें टीम से ही ड्रॉप कर दिया। श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया था और उन्हें आयरलैंड के खिलाफ पहली सीरीज खेलने का मौका मिला, जहां उनकी कप्तानी में टीम दो मैचों की सीरीज के दोनों मुकाबलों को हार गई। इससे पहले कभी भी टीम इंडिया को आयरलैंड से इंटरनेशनल क्रिकेट में हार नहीं मिली थी, लेकिन तीन दिनों के भीतर भारत ने वहां दो मैच गंवाए और सीरीज भी गंवा दी।
इंग्लैंड में भी नहीं जीता
भारत- इसके बाद टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंची, जहां पांच मैचों की टी20 सीरीज दोनों देशों के बीच खेली गई। उस सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया, लेकिन अगले चार मुकाबलों में टीम इंडिया को सिर्फ और सिर्फ हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह श्रेयस अय्यर को बतौर कप्तान टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत की तलाश है। अगर जिम्बाब्वे में भी श्रेयस अय्यर सीरीज नहीं जीत पाए तो फिर उनकी कप्तानी ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। ऐसे में हार का डर भारतीय टीम को डरा रहा होगा।
