सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर आम लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ाए आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाकर और फर्जी बैंकिंग किट, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक व सिम कार्ड साइबर ठगों को मुहैया कराने का काम करते थे। इन खातों के जरिए देश के अलग- अलग राज्यों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पाया गया है।

क्राइम ब्रांच पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है।

इस पूरे मामले की शुरुआत परदेशीपुरा थाने में दर्ज एक साइबर ठगी की शिकायत से हुई थी, जिसकी विस्तृत विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी जय सूर्यवंशी और जतिन हरियाले से पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता उजागर हुई। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तीन आरोपियों- आकाश विश्वकर्मा पिता राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी प्रीमियम पार्क अरविंदो हॉस्पिटल के सामने प्रवीण पाल पिता छोटेलाल पाल निवासी शिवकंठ नगर सांवेर रोड और आशीष पुरी पिता अशोक पुरी निवासी स्कीम नंबर-51 को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे संगठित साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और आम लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर उनकी बैंकिंग किट गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचाते थे। इन फर्जी खातों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली ठगी की रकम को जमा करने और ट्रांसफर करने में किया जाता था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध

साइबर प्रॉड के मामलों में भी हुआ है।