ऐसे तो नहीं थे इंदौरी... फिर क्यों शहर में दिखाई दे रही है कचरे की ढेरियां...
कई बच्चों को श्वान ने काटा रहवासी आए विरोध करने बाहर
शहर की कमजोर सफाई व्यवस्था और मानिटरिंग, खुले में फेंक रहे हैं कचरा
सफाई को लेकर इंदौरवासी ऐसे कभी नजर नहीं आए जैसे वर्तमान में दिखाई दे रहे हैं। इंदौर के ही लोग हैं जो थोड़ी सी गंदगी होने पर जिम्मेदारों को यह बता देते थे कि यहां गंदगी हो रही है और सफाई की जरूरत है। इसी आदत के बदौलत इंदौर आठ बार स्वच्छता में देश का नंबर वन शहर बना लेकिन स्थिति वर्तमान में अब इसके विपरीत होती जा रही है।
शहर के पॉश इलाकों में कचरे के ढेर दिखाई देते हैं जैसे की 2014 के पहले शहर की गली नुक्कड़ और खाली प्लाट पर कचरे के ढेर नजर आते थे ऐसा ही नजारा वर्तमान में दिखाई दे रहा है, लेकिन वर्तमान में ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। गीता भवन जैसे पॉश इलाके के खाली प्लॉट पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे होना नगर निगम की अव्यवस्था और सफाई को लेकर कमजोर मॉनीटरिंग तो दिखती ही है, लेकिन दूसरी ओर इंदौर के लोगों की बदली हुई मानसिकता का भी परिचय दे रहा है, क्योंकि इंदौर के लोग कचरा फैलाने वालों को रोकते और टोकते हैं, लेकिन आखिर यहां ऐसा क्या हो रहा है जो लोग कचरा फेंकने वालों को रोक नहीं रहे हैं साथ ही इस लापरवाही की सूचना निगम के अधिकारियों को नहीं दे रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में लोग गंदगी फैलते हुए देख रहे हैं। कनाडिया रोड से लगे खाली प्लॉट पर बीती रात कचरे की बोरियां कुछ लोग सड़क किनारे डाल गए। रात अंधेरे लोग कचरा डाल रहे हैं जबकि, निरंजनपुर पर इंदौर विकास प्राधिकरण के खाली प्लॉट पर लोग कचरा डाल रहे हैं। ऐसे लोग जो शहर को गंदा करने और शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं उन पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इंदौर शहर कचरे और गंदगी को कभी भी स्वीकारोक्ति नहीं दे सकता।
गीता भवन के शांति नगर में पार्श्व आरोग्य अस्पताल के सामने खाली प्लांट पर कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि यहां आस-पास के लोग रात में कचरा फेंक रहे, कौन कब यहां आकर कचरा फेंक जाता है पता नहीं चलता। नगर निगम द्वारा भी यहां कोई मॉनीटरिंग नहीं की जा रही।
नगर निगम जोन कार्यालय पर इसकी सूचना कुछ लोगों ने दी थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई और लोग लगातार कचरा फेंक रहे हैं। वही खाली प्लाट के सामने पार्श्व आरोग्य अस्पताल भी है जहां हर दिन सैकड़ो मरीज रोज आते हैं ऐसी स्थिति में अस्पताल के सामने कचरे के ढेर होना खासी परेशानी खड़ी करने वाला साबित हो रहा है। इस मामले में प्रबंधन की ओर से नगर निगम को शिकायत करने की बात की जा रही है।
फिलहाल वर्तमान समय में इंदौर के लोगों की आदत बदलती दिखाई दे रही है। लोग खाली प्लाट को कचरा घर समझते हैं। बाउंड्री वॉल वाले प्लांट में तो कचरा डालना और आसान हो जाता है। रात के अंधेरे में कचरा फेंकने की आदत शहर के लोगों की बन चुकी है।
नगर निगम द्वारा लगातार सख्त कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति बन रही है। जिन रहवासी क्षेत्रों में गंदगी फैलाई जा रही है वहां सफाई तो की जा रही है लेकिन जुर्माने की कार्रवाई नहीं हो रही इसको लेकर जनप्रतिनिधि भी उदासीन है, मामले में नगर निगम के अधिकारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि गंदगी फैलाने वालों पर निगम की ओर से सख्ती की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं करने का दबाव भी बनाया जाता है। विधानसभा 2 के सुखलिया सीडब्ल्यू क्षेत्र में कल श्वान का आतंक दिखा।
कल एक ही दिन में 7 बच्चों को श्वान ने शिकार बनाया तो हड़कम्प मच गया। जिन बच्चों को श्वान ने काटा उनके पालक और परिजन रोड पर आ गए और उन्होंने विरोध जताया, निगम अधिकारियों को फोन लगाए। इस घटना के बाद से रहवासियों ने अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दिया।
