मजदूर के बैंक खाते में लगी ऑनलाइन सेंध
बिना इस्तेमाल किए यूपीआई से उड़ाए हजारों रुपए, केस दर्ज
परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है, जहां एक शातिर अज्ञात ठग ने मजदूरी करने वाले युवक के बैंक खाते में डिजिटल सेंध लगाकर हजारों रुपये पार कर दिए। फरियादी के मोबाइल ऐप का उपयोग किए बिना ही यूपीआई आईडी के जरिए उसके खाते से कुल 42 हजार 800 रुपये उड़ा दिए गए। परदेशीपुरा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और साइबर सेल की प्राथमिक जांच के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार ठगी के शिकार परदेशीपुरा निवासी फरियादी निहाल पिता कैलाश अहिरवार हुए हैं। पीड़ित निहाल ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण- पोषण करता है और लेन-देन के लिए अपने मोबाइल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के ऑफिशियल ऐप का उपयोग करता है। गत 13 जुलाई को वह अपने काम में व्यस्त था, तभी अचानक उसके मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज आया।
जब उसने चेक किया तो पता चला कि उसकी जानकारी और अनुमति के बिना यूपीआई आईडी के माध्यम से खाते से 42800 रुपये की राशि ट्रांसफर कर ली गई है।
पीड़ित ने जब इस अनधिकृत ट्रांजैक्शन की बारीकी से पड़ताल की, तो सामने आया कि उसके खाते से कटी हुई यह रकम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में ट्रांसफर हुई है, जो सचिन खोदीदास कुवरैया नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है। खाते से अचानक बड़ी रकम गायब होने से घबराए निहाल ने तत्काल संबंधित बैंक शाखा पहुंचकर अपना खाता ब्लॉक कराया ताकि आगे और नुकसान न हो। इसके बाद पीड़ित ने इंदौर पुलिस की साइबर सेल शाखा में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
परदेशीपुरा पुलिस अब साइबर सेल की मदद से उक्त संदिग्ध यूनियन बैंक खाते की डिटेल और आईपी एड्रेस खंगाल रही है, ताकि ठगी करने वाले मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सके।
