पूर्व मंत्री और जिला अध्यक्ष ने मांगा मंत्री से इस्तीफा
सांवेर विधानसभा के ग्राम मकोड़िया में क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा करीब 2 करोड़ की लागत से बनाया स्टॉप डेम कुछ ही माह में बारिश की भेंट चढ़ गया। इस मामले में पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और पूर्व विधायक जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि जनता के पैसे के 2 करोड़ रु. एक ही बरसात में पानी में बह गए। वर्मा और वानखेड़े ने मंत्री और क्षेत्रीय विधायक तुलसी सिलावट से इस्तीफे की मांग की।
वर्मा और वानखेड़े बरसात में बहे डेम का जायजा लेने ग्राम मकोड़िया पहुंचे और वर्मा ने इसे भाजपाई भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा करार दिया। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक स्टॉप डैम नहीं टूटा है, बल्कि भ्रष्ट विकास की हकीकत उजागर हुई है। 2 करोड़ की लागत से बना डैम पहली बारिश नहीं झेल पाया, तो सोचिए निर्माण में किस स्तर का घटिया काम हुआ होगा।
वानखेड़े ने भी कहा कि सालों से सांवेर विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है और इन मुद्दों पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। दोनों कांग्रेस नेताओं ने यहां तक आरोप लगाया कि सांवेर विधानसभा क्षेत्र में 10-11 ऐसे स्टॉप डैम बनाए गए हैं, जो सिर्फ कमीशनखोरी का जरिया हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि भाजपा के इस ‘भ्रष्ट तंत्र' को अब सांवर की जनता और नहीं सहेगी।
सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि यदि मंत्रिमंडल का फेरबदल हुआ, तो सबसे पहले सिलावट की छुट्टी होनी चाहिए, क्योंकि उनके विभाग में चिराग तले अंधेरा है। इस निरीक्षण के दौरान जिला कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हनी यादव, दिनेश पटेल भी उपस्थित रहे।
