लोगों की नहीं नजर आई नकली नाग में आस्था
कपड़े के नाग महाराज लेकर पूजा करवाने पहुंचे
आज नाग पंचमी पर गलियों में पिलाओं नाग को दूध की गूंज तो नहीं हुई, प्रशासन द्वारा असली सांप लेकर घूमने वालों पर शिकंजा कसा गया, जिसके परिणाम स्वरूप सपेरे नकली सांप लेकर गलियों में घूमते रहे। हालांकि लोगों की आस्था इस कपड़े के नाग में कम ही नजर आई।
आज नागपंचमी पर नाग की पूजा का महत्व है। सालों तक सपेरे नाग और नागिन को पूजा करवाने के लिए शहर में लेकर घूमते रहे हैं। प्रशासन की सख्ती वैसे तो हर वर्ष रहती है, लेकिन फिर भी सपेरे आंख मिचोली खेलते हुए प्रशासन को गुमराह करते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन असली नाग को लेकर घूमने वालों पर ज्यादा सख्त है, ऐसे में सपेरे नकली नाग, कपड़े से बने नाग लेकर घूम रहे हैं।
हालांकि इस पर लोगों की आस्था कम नजर आई। सपेरों का भले ही नया प्रयोग था। प्रशासन के निर्देश पर किया गया यह प्रयोग उस स्तर पर सफल नहीं हो सका जैसा लोग असली नाग की पूजा कर नागपंचमी मनाते रहे हैं। नकली नाग लेकर निकले सपेरे जब लोगों को आवाज लगाते रहे तो लोग घर से बाहर निकले, लेकिन कम ही लोगों ने पूजा की। इधर सपेरे भी दान लेने पर अड़े रहे। लोगों ने भी उन्हें कुछ रुपये देकर हाथ जोड़ लिए।
स्कीम नंबर 54 में सड़क के घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। जब तक ठेकेदार सड़क को निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार सुधार नहीं देता, तब
