सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

80 लाख की आय के सामने 2.53 करोड़ का खर्च

लोकायुक्त की गणना के मुताबिक जितेंद्र कुमार पांडेय को पूरे सेवाकाल में करीब 80 लाख रुपए का अनुमानित वेतन प्राप्त हुआ। इसके मुकाबले अब तक करीब 2 करोड़ 53 लाख रुपए का खर्च सामने आया है। यानी आय की तुलना में करीब 1 करोड़ 73 लाख 8 हजार 69 रुपए अधिक खर्च का अंतर पाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह अंतर करीब 216.35 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति के रूप में सामने आया है। जांच अभी जारी है।

के द्वारा इस अधिकारी के ठिकानों पर इस अधिकारी ने करीब 31 वर्ष के छापा मारने का फैसला लिया गया। सेवाकाल में अपनी आय की तुलना में लोकायुक्त की टीम ने इस अधिकारी से अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की। जांच में जुड़े इंदौर के दो ठिकानों पर आज उनकी कुल अनुमानित वैध आय करीब सुबह एक साथ सर्चिंग शुरू की है।

80 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि कार्रवाई के दौरान अधिकारी और उसके अब तक सामने आए रिकॉर्ड के आधार परिवार के नाम पर मौजूद संपत्ति, भवन पर करीब 2 करोड़ 53 लाख रुपए का निर्माण, वाहन और अन्य खर्चों से जुड़े व्यय पाया गया है। इस हिसाब से खर्च दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

वैध कमाई से करीब 1 करोड़ 73 लाख