साध्वी ने आयम्बिल का महत्व समझाया
नरसिंह वाटिका बिजासन रोड पर साध्वी डॉ. श्री कुमुदलता म.सा. के चातुर्मास प्रवचन चल रहे है। बडी संख्या में श्वेताम्बर जैन समाजजन धर्मसभा में धार्मिक लाभ लेने पहुंच रहे है। साध्वी डॉ. कुमुदलता म.सा. ने कहा कि आयंबिल तप, आत्मसंयम और कर्मनिर्जरा का माध्यम है।
आयम्बिल के साथ ही संत समागम और जीवन के लक्ष्य पर प्रेरणादायी संदेश दिए गए। आयम्बिल का महत्व भी समझाया। 15 दिनों की तप अराधना करने वाली सुनन्दा वीरेन्द्र बोडाना का श्रावक संघ,श्राविका संघ युवक संघ की ओर से बहुमान किया गया। रमेश भंडारी, प्रकाश
घोषणा की। तीन या उससे अधिक नए सदस्यों को जोड़ने वाले क्लबों को सम्मानित किया गया।
अलग-अलग क्लब के 350 रोटेरियन्स ने भाग लिया। विनित सहाय, डॉ. आराधना सहाय, सुनील माहेश्वरी, भटेवरा, राजकुमार पंजाबी, हेमन्त बोहरा, गजेंद्र बोड़ाना, अभय झेलावत, नरेन्द्र मेहता, अतुल झामड, अशोक मंडलिक सहित अन्य मौजूद थे।
अतुल गार्गव, तरुण मिश्रा, संस्कार कोठारी, संजीव गुप्ता, मोहन पलासे, दुष्यंत चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, दीप्ति कोठारी, मनोज चांडक, नितिन डफरिया, अशोक तांतेड, के.पी. नागेश सहित अन्य मौजूद थे।
