सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

अब इंदौर के गरीबों को रिजर्व बैंक देगा डिजिटल रुपया

इस डिजिटल रुपया से राशन की दुकान पर जाकर ले सकेंगे सामान

अब इंदौर के गरीब नागरिकों को रिजर्व बैंक के द्वारा डिजिटल रुपया दिया जाएगा। इस डिजिटल रुपया के माध्यम से यह नागरिक राशन की दुकान पर जाकर सामान ले सकेंगे। इस नई व्यवस्था को जल्द ही लागू किया जा रहा है।

मप्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अब पारंपरिक व्यवस्था के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' (सीबीडीसी) यानी डिजिटल रुपये के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। भारत सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के भोपाल और इंदौर शहर का चयन किया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इन शहरों की सभी उचित मूल्य दुकानों पर यह व्यवस्था पूरी तरह लागू करने का है।

विभाग के मुताबिक इस योजना के तहत हितग्राहियों को हर महीने उनकी खाद्यान्न पात्रता के अनुसार डिजिटल 'सीबीडीसी टोकन' सीधे उनके मोबाइल डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे। राशन लेने के लिए लाभार्थी को दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करना होगा, जिसके तुरंत बाद पात्रता अनुसार गेहूं और चावल मिल जाएगा। इस पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सब्सिडी का दुरुपयोग रुकेगा, क्योंकि डिजिटल टोकन का उपयोग केवल राशन खरीदने के लिए ही संभव होगा।

योजना के बेहतर संचालन के लिए लाभार्थियों का आधार सत्यापन, ई-केवाईसी और पंजाब नेशनल बैंक के डिजिटल रुपया ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक रूप देने के लिए भारत सरकार के खाद्य विभाग, मध्यप्रदेश खाद्य विभाग, पंजाब नेशनल बैंक और एनआईसी सहित अन्य तकनीकी एजेंसियों ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत आयोजित बैठकों और वीडियो कॉन्प्रेंस में डिजिटल प्रणाली के सफल क्रियान्वयन की रूपरेखा पर मुहर लगाई गई।

खाद्य मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, यह नई पहल पीडीएस प्रणाली को पूरी तरह कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी बनाएगी। इससे खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग भविष्य में अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं में भी 'केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा' के उपयोग का नया रास्ता खोलेगा।