सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

इन्दौर की फिर लौटेगी ‘गार्डन सिटी' की पहचान- मंत्री विजयवर्गीय

21 लाख पौधों से बदलेगी इंदौर की तस्वीर, वाटर हार्वेस्टिंग कराने वालों को होटलों में मिलेगा डिस्काउंट

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में इंदौर एक बार फिर बड़ी पहल करने जा रहा है। शहर में 21 लाख पौधों के महाअभियान के साथ जल संरक्षण को भी नई गति दी जाएगी। खास बात यह है कि अब जिन लोगों ने अपने घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है, उन्हें होटल इंडस्ट्री की ओर से विशेष छूट भी मिलेगी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रकृति से लेने का अधिकार सभी को है, लेकिन उसका दोहन करने का अधिकार किसी को नहीं। यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2025 (भाग-2) का आयोजन आज किया जा रहा है। यह परीक्षा अग्रांकित 6 विषयों के लिए दो सत्रों में आयोजित की जा रही है। पहला सत्र शुरू हुआ, यह परीक्षा इंदौर और भोपाल के निर्धारित केन्द्रों पर हो रही है। सभी छोड़ना है तो पौधारोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना होगा।

बाग-बगीचों के लिए पूरे देश में पहचाना जाता था इन्दौर

होटल एसोसिएशन एवं इंडस्ट्री एसोसिएशन की बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कभी इंदौर अपनी हरियाली और बाग-बगीचों के लिए पूरे देश में पहचाना जाता था। अब उसी पहचान को फिर से स्थापित करने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेवती रेंज में वर्षों पहले लगाए गए पौधे आज घने वृक्षों का रूप ले चुके हैं, जो इस अभियान की सफलता का जीवंत उदाहरण हैं।

हरियाली देती है सुकून, पेड़ भी हैं संवेदनशील

विजयवर्गीय ने कहा कि वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि वृक्ष भी संवेदनशील होते हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। हरियाली के बीच समय बिताने से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

40 फीट से 600 फीट तक पहुंचा पानी

भू-जल स्तर में आई भारी गिरावट पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि एक समय शहर में 40 से 50 फीट पर पानी मिल जाता था, लेकिन अब 500 से 600 फीट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर के 1100 बगीचों के 25 प्रतिशत हिस्से में सघन वन विकसित किए जाएंगे। यहां 5 से 6 फीट ऊंचे विशेष प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिन्हें कोलकाता सहित अन्य राज्यों से मंगाया गया है, ताकि कम समय में हरित क्षेत्र विकसित हो सके।

जल बचाइए, होटल में छूट पाइए

बैठक में होटल इंडस्ट्री के अध्यक्ष सुमित सूरी ने घोषणा की कि जिन नागरिकों ने अपने घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया है, उन्हें शहर के होटल विशेष डिस्काउंट देंगे। उनका मानना है कि इससे लोग जल संरक्षण के लिए प्रेरित होंगे और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यावरण बचाने का इंदौर मॉडल

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और गिरते भू-जल स्तर के बीच पौधारोपण तथा वर्षा जल संचयन ही भविष्य का सबसे प्रभावी समाधान है। ऐसे में इंदौर का 21 लाख पौधों का यह अभियान केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का ऐसा मॉडल बन सकता है, जिसे दूसरे शहर भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ें।