स्पंटँर्स एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने बॉन्ज जीतकर रचा इतिहास
ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया है। शनिवार को पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जबरदस्त टाइमिंग और जुझारूपन का प्रदर्शन करते हुए गुलवीर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इस शानदार उपलब्धि के साथ ही गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 5000 मीटर इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इतना ही नहीं, वह कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक ही सीजन में ट्रैक एंड फील्ड (एथलेटिक्स) के भीतर एक से अधिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन चुके हैं।
सेंकड के सौवें हिस्से से तय हुआ पदक
5000 मीटर के इस बेहद रोमांचक और थ्रिलर फाइनल मुकाबले में गुलवीर ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय महज 100वें हिस्से (0.04 सेकंड) के पर पूरे देश में खुशी की लहर है।
शाहीन अफरीदी की 6 मैचों में 10 से ज्यादा की इकोनॉमी से कुटाई, लीग छोड़ी
निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। पदक की इस रेस में मुकाबला कितना कड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुलवीर ने केन्या के दिग्गज धावक कॉर्नेलियस केम्बोई को सेकंड के अंतर से पीछे छोड़कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस इवेंट का गोल्ड मेडल केन्या के मैथ्यू किपसांग ने 13:23.61 की टाइमिंग के साथ जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 13:24.70 का समय निकालकर रजत पदक अपने नाम किया।
10,000 मीटर में जीता था सिल्वर मेडल
ग्लासगो 2026 में गुलवीर सिंह का यह दूसरा पदक है। इससे पहले इसी सप्ताह की शुरुआत में उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर ऐतिहासिक सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर रेस में पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी भी बने थे। एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो- दो मेडल जीतकर गुलवीर ने भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि
नई दिल्ली। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी लंका प्रीमियर लीग में खेल रहे थे। वह कैंडी रॉयल्स की टीम का हिस्सा था। 26 साल के बाएं हाथ के बॉलर अफरीदी ने बीच में ही टूर्नामेंट को छोड़ने का फैसला किया है। अफरीदी ने इस फैसले के पीछे निजी कारण बताया है।
लेकिन हकीकत यह भी है कि वह गेंदबाजी में बुरी तरह जूझ रहे थे। लंका प्रीमियर लीग 2026 में शाहीन अफरीदी ने 6 मुकाबले खेले। इसमें उन्होंने 22 ओवर डाले और 224 रन देकर 7 विकेट झटके। उनकी इकोनॉमी 10.18 की रही। पहले मैच में उन्होंने 3 ओवर में 41 रन दिए।
दूसरे मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। तीसरे मैच में 4 ओवर में 32 जबकि चौथे में 4 ओवर में 34 रन दिए। सिर्फ छठे मैच में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, जहां 27 रन देकर 3 शिकार किए। टीम के 7वें ओवर में 4 ओवर में 47 रन देने के बाद 8वें मैच में तो 3 ओवर में 43 रन कुटवा दिए।
कोलंबो कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में गलती से शाहीन अफरीदी को बेंच पर बैठना पड़ा। उन्हें मैच से पहले बताया गया कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलेंगे। लेकिन मैच शुरू होने के बाद कोच ने शाहीन अफरीदी को बताय की एनालिस्ट ने गलती से टीम सीट पर इम्पैक्ट प्लेयर के विकल्प में उनका नाम ही नहीं डाला है।
इसके बाद अफरीदी नाराज हो गए और काफी बवाल हुआ। उन्होंने इसके लेकर लीग की एंटी करप्शन यूनिट में भी शिकायत की थी।
इंदौर। जिला टेबल टेनिस पटेल को 3-1 से मात दी। मिमरोट ने लक्ष्य भदौरिया को 4-1 संगठन के तत्वावधान में सत्र की तृतीय इंदौर जिला रैंकिग टेबल टेनिस स्पर्धा में बालक अंडर-17 आयु वर्ग का खिताब मृदुल पुरोहित ने जीत लिया। बालिका अंडर-17 आयु वर्ग में आराध्या राजपुत ने खिताबी सफलता अर्जित की।
बालक अंडर-17 आयु वर्ग में फायनल मुकाबलें में मृदुल ने रिदम गढिया को 3-0 से हराया। सेमीफायनल में मृदुल ने अर्थव सिंह को 3-1 से तथा रिदम ने मीत बनाई। मिमरोट को 3-1 से परास्त किया।
बालिका अंडर-17 आयु वर्ग के फायनल मुकाबलें में आराध्या ने हिया सेमीफायनल में हिया ने अनिका माहेश्वरी को 3-0 से तथा आराध्या ने रीत इंगले कोे 3-0 से हराया।
महिला एकल वर्ग के प्रारंभिक दौर में हिया पटेल पे ख्वाईश मनवानी को 3-0 से, आन्या त्रिवेदी ने भाव्यांशी सोनी को 3-0 से, आरवी जैन ने नेहल नाहर को 3-0 से, भाग्यश्री दवे ने अनिका माहेष्वरी को 3-0 से, अक्षिता मित्तल ने सिद्धी भदौरिया को 3-0 से हराकर अगले दौर में जगह
बालक अंडर-19 आयु वर्ग के शुरूवाती दौर के मुकाबलों में राघव राठोर ने अर्थव जैन को 3-0 से, मीत
