सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

खिलाड़ियों का चमकदार प्रदर्शन, पदक कॉमनवेल्थ गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी आज तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा भारत

एक दिन में 16 मेडल, टैली में 6 स्थान की छलांग

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने की अहमदाबाद की तैयारी रविवार को आधिकारिक रूप से शुरू होगी। ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा।

इसके लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ, कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन आधिकारिक रूप से अहमदाबाद के प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी भारत में 3 अगस्त को रात एक बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी।

हैंडओवर सेरेमनी में ग्लास्गो के दर्शकों को अहमदाबाद 2030 का पहला प्रीव्यू भी दिखाया जाएगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और गुजरात की पहचान को दिखाने वाला एक कार्यक्रम होगा। सेरेमनी की एक खास बात किंग्स बैटन रिले है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के मुताबिक, यह रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और इलाकों से होकर गुजरेगी।

गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर हिस्सा लेने वाले देश और इलाके को अपना बैटन मिलेगा, जिससे हर जगह अपनी संस्कृति, विरासत और रचनात्मकता को दिखाया जा सकेगा। हर बैटन पर यूके के राजा चार्ल्स तृतीय का एक संदेश होगा, जो रिले में शुरुआती संदेश देते हैं। बैटन को समाज में अच्छे योगदान देने वाले लोग ले जाते हैं, और आखिर में बैटन गेम्स से पहले मेजबान शहर पहुंचता है। किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 में कार्डिफ में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शुरू की गई थी।

त्रषभ रिखीराम शर्मा परफॉर्म करेंगे

ग्लास्गो हैंडओवर सेगमेंट को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है। ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह मनाएगा। इसके बाद सितार वादक त्रषभ रिखीराम शर्मा और स्कॉटिश पाइपर रॉस आइंस्ली की क्लासिकल इंडियन 'जुगलबंदी' होगी, जो ग्लास्गो 2026 और अहमदाबाद 2030 के बीच कनेक्शन को दिखाएगी।

आखिरी सेगमेंट में पूरे भारत की एक विजुअल यात्रा दिखाई जाएगी, जिसमें गुजरात पर खास फोकस होगा। महोन ने कहा कि ग्लास्गो में दर्शकों को अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मिलेगी। ग्लास्गो 2026 के सेरेमनी डायरेक्टर, चंदा सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को एक ऐसे भारत को दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है जो अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है और आत्मविश्वास से भरा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। अहमदाबाद में आयोजित होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030,गेम्स का 100वां वर्ष होगा। ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारत के लिए अब तक का सबसे शानदार दिन साबित हुआ।

भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई और चौथे स्थान पर पहुंच गए। भारत की इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मुक्केबाजों का रहा। भारतीय बॉक्सरों ने रिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए।

बॉक्सिंग के अलावा भारत को पैरा एथलेटिक्स, एथलेटिक्स और जूडो में भी पदक मिले। इन शानदार प्रदर्शनों के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 39 हो गई है, जिसमें 13 गोल्ड के अलावा 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज हैं।