388 किग्रा उठाकर आधी रात को भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल
ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मेंस 110± किग्रा भारवर्ग वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अमृतसर के 28 साल के वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने भारत का मान बढ़ाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्सों के कांस्य पदक विजेता लवप्रीत ने इस बार अपने पदक का रंग बदलते हुए कुल 388 किग्रा का भार उठाकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। उन्होंने देत रात भारत के लिए मेडल जीता है।
मुकाबले की शुरुआत से ही लवप्रीत सिंह बेहतरीन लय में नजर आए। स्नैच दौर में उन्होंने अपने तीनों प्रयासों में क्रमशः 168 किग्रा, 173 किग्रा और शानदार 176 किग्रा का वजन सफलतापूर्वक उठाया। स्नैच के तीसरे प्रयास में 176 किग्रा का भार उठाकर उन्होंने नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड कायम किया।
इसके बाद क्लीन एंड जर्क दौर में लवप्रीत ने अपने पहले दो प्रयासों में 205 किग्रा और 212 किग्रा का वजन आसानी से उठाकर कुल 388 किग्रा का स्कोर बनाया और भारत के लिए पदक पक्का कर दिया। गोल्ड मेडल की रेस बेहद रोमांचक और कांटे की रही। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किग्रा का भार उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
उन्होंने स्नैच में 166 किग्रा और क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में 223 किग्रा का भार उठाकर लवप्रीत को महज 1 किग्रा के अंतर से पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। लवप्रीत सिंह की यह सफलता ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का 16वां पदक है। वहीं, वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में यह भारत का कुल 8वां पदक रहा।
भारत की ओर से इन खेलों में एकमात्र गोल्ड मेडल स्टार लिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा वर्ग में जीता है। इसी इवेंट से पहले महिला 86 किग्रा भारवर्ग में भारत की 18 साल की मार्टिना रानी मैबाम ने भी अपनी चुनौती पेश की थी। उन्होंने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 140 किग्रा उठाकर कुल 245 किग्रा का भार उठाया, लेकिन वे टॉप 3 में जगह बनाने में असफल रहीं और पदक से चूक गईं।
