विद्युत संविदा कर्मियों को बिना परीक्षा नियमित करें
न्यूनतम कट-ऑफ अंक घटाने, गृह कंपनी स्थानांतरण और आउटसोर्स कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग फेडरेशन ने की
मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री राकेश डी. पी. पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह और सीएमडी विशेष गढ़पाले को पत्र भेजकर विद्युत कंपनियों के संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के न्यायोचित समाधान की मांग की है। फेडरेशन ने हाल ही में कर्मचारियों की पदोन्नति, नई भर्तियों की स्वीकृति और 20 वर्षों बाद प्रिंज बेनेफिट्स लागू करने के राज्य सरकार के संवेदनशील निर्णयों का स्वागत किया।
हालांकि, नई भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मियों पर लागू की गई शर्तों पर चिंता व्यक्त करते हुए निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं: बिना परीक्षा नियमित नियुक्ति-संविदा कर्मचारी 12 से 15 वर्षों से सेवा दे रहे हैं और पूर्व में विधिवत परीक्षा व साक्षात्कार उत्तीर्ण कर ही नियुक्त हुए थे अतः उनसे पुनः परीक्षा लिए बिना सीधे संविलियन/नियमित नियुक्ति दी जाए, 2013 में चयन प्रक्रिया उत्तीर्ण कर प्रतीक्षा सूची से संविदा पर रखे गए लगभग 650 शेष कर्मचारियों को भी तत्काल नियमित किया जाए।
न्यूनतम कट-ऑफ अंकों में
छूट—नई भर्ती प्रक्रिया में अनारक्षित वर्ग के लिए कुल 80 अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 70 अंक की बाध्यता अत्यधिक है इसे संशोधित कर अनारक्षित वर्ग के लिए बोनस अंक सहित कुल 50 अंक तथा आरक्षित वर्ग के लिए कुल 40 अंक निर्धारित किए जाएं।
