मॉडल स्कूल की सौगात ठंडे बस्ते में
विधायक और पार्षद ने किया था डेढ़ वर्ष पूर्व भूमिपूजन
विधानसभा 5 के वार्ड क्रमांक 54 में स्थित मूसाखेड़ी क्षेत्र की आदिवासी बस्ती भील कॉलोनी में करोड़ों रुपए की लागत से मॉडल स्कूल की सौगात देने की पहल लम्बे समय से अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल रखी है। हालत यह है कि करीब डेढ़ साल पहले भूमि पूजन के बावजूद नए मॉडल स्कूल भवन का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया। यही नहीं लंबे समय से जिम्मेदारों ने यहां का काम फाइलों में उलझा रखा है।
जबकि यहां नर्सरी से आठवीं तक क्षेत्र के आदिवासी समाज के छात्र और छात्राओं के लिए विधायक महेंद्र हार्डिया और क्षेत्रीय पार्षद महेश बसवाल द्वारा डेढ़ साल पहले क्षेत्र के पहले मॉडल स्कूल के रूप में लगभग पौने दो करोड रुपए की लागत से भव्य स्कूल इमारत बनाने के लिए भूमि पूजन भी किया गया था। लेकिन बजट की कमी और निगम के जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही से हालत यह है कि इतने समय बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया।
जबकि विधायक हार्डिया और पार्षद बसवाल के लगातार प्रयासों से निगम द्वारा फाइल मंजूरी के बाद यहां क्षेत्र के बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले तीन मंजिला मॉडल स्कूल की सौगात दी जाना थी। लेकिन निगम के पैसों के संकट और अन्य कारणों से अभी तक यहां के स्कूल निर्माण का कार्य फाइलों में अटका पड़ा है। जबकि अब तक तो यहां बिल्डिंग बनकर तैयार भी हो जाना थी।
क्षेत्रीय रहवासी आदिवासी मालवा भील सेवक संघ के अध्यक्ष गोपाल सिंगार का कहना है कि क्षेत्र के रहिवासियों की मांग पर विधायक और पार्षद के प्रयासों से हमने क्षेत्र के गरीब निर्धन आदिवासी बच्चों के लिए एक मॉडल आदर्श स्कूल बनाने की प्लानिंग की थी। जिसकी सौगात देने के लिए विधायक और पार्षद के प्रयासों से यहां भूमि पूजन किया गया था, लेकिन निगम अफसर के अनदेखी से इतने समय बाद भी अभी तक स्कूल का काम शुरू नहीं हो पाया। जिसको लेकर क्षेत्र के रहवासी परेशान है।
यहां रहने वाले बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए ज्यादा फीस भरना पड़ती है। यही नहीं मजबूरी में पढ़ाई का ज्यादा खर्च उठाना पड़ता है। वहीं सरकारी स्कूल दूर होने से छात्र- छात्राओं को वहां जाने में भी परेशानी होती है।
