सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

पीएम आवास योजना के मकान की कमजोरी आने लगी सामने

सतपुड़ा परिसर में मेंटेनेंस को लेकर लापरवाही, रहवासियों ने अपर आयुक्त को की शिकायत

प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान की गुणवत्ता 2 से 3 सालों में ही सामने आने लगी है। रहवासियों ने इमारत निर्माण में कमजोर मटेरियल, समय पर मेंटेनेंस नहीं होने एवं लापरवाही की शिकायत अपर आयुक्त अर्थ जैन को की है। बड़ा भानगढ़ स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के सतपुड़ा परिसर में रहवासी मेंटेनेंस नहीं होने के कारण परेशान है।

रहवासियों का कहना है कि परिसर में समय पर इमारत रखरखाव के काम नहीं होते हैं। मेंटेनेंस करने वाले ठेकेदार को जब मकान में कोई लीकेज या फिर साफ सफाई से संबंधित काम बताया जाता है तो बहानेबाजी की जाती है।

रहवासी उमेश शर्मा ने बताया कि यहां अलग-अलग बैक में लगभग 450 फ्लैट बने हुए हैं। 6 मंजिला इमारत है कभी सीढ़ियों पर टूट-फूट तो कभी टाइल्स उखड़ना, तो कभी कचरे और पानी की समस्या होती है, कभी लिफ्ट बंद रहती है तो कभी पाइपलाइनों के लीकेज की समस्या। हाल ही में सतपुड़ा परिसर बड़ा बांग़ड़दा के ए-3 विंग में किचन से निकलने वाले पानी की लाइन लीकेज हो गई है जिसके कारण सभी मंजिलों पर बने किचन में जूठन और गंदा पानी फैल रहा है।

लाइन लीकेज फ्लैट नंबर 604 में हुई है और उसका पानी नीचे फ्लैट नंबर 304 तक पहुंच रहा है। रहवासियों का कहना है कि इस पानी के लीकेज से किचन के अंदर सीलन और बदबू आ रही है जिसके कारण खाना बनाना और रहता मुश्किल हो गया है। । रहवासियों ने बताया कि जब लीकेज ठीक करने के लिए ठेकेदार को बताया तो उसका कहना था कि इस काम में लंबा खर्च है मैं नहीं करूंगा।

इसके बाद मामले की शिकायत नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना के अपर आयुक्त अर्थव जैन को की गई है। इसके अलावा नगर निगम जनसुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान बनाने के लिए बिजली नगर के पास भूरी टेकरी पर बनी अवैध बस्ती को अस्थाई तौर बस्ती बनाकर विस्थापित किया गया था, अब यहां पर पीएम आवास योजना के मकान बन जाने के बाद भी बस्ती को शिफ्ट नहीं किया गया है। ।

मामले में श्री मंगल नगर गृह निर्माण समिति के निवासियों ने शिकायत की है कि बस्ती जिस जमीन पर शिफ्ट की गई है वह शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण समिति की जमीन है। पिंगला तिवारी ने बताया कि उनके पति राजेश तिवारी शासकीय कर्मचारी थे। उन्होंने उक्त गृह निर्माण संस्था की सदस्यता लेते हुए भूखंड लिया था लेकिन यहां पर नगर निगम द्वारा बस्ती बसा दी गई जिसके कारण कई सदस्यों को प्लांट नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए साल 2003 से उनके पति संघर्ष कर रहे थे लेकिन अब उनकी मृत्यु हो गई है।