सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

दो रिटायर्ड और तीन गैरहाजिर कर्मचारियों का निकाला जा रहा था वेतन, जांच में हुआ खुलासा

आरोपियों पर आज हो सकती है एफआईआर, जांच समिति ने खंगालने शुरू किए कर्मचारियों के बैंक अकाउंट

नगर निगम में इन दिनों घोटाले की बाढ़-सी आई हुई है लगातार घोटाले पर घोटाले सामने आ रहे हैं। पिछले सप्ताह नगर निगम में वेतन घोटाला सामने आया था जिसमें पांच आरोपियों का वेतन फर्जी बैंक अकाउंट में लेखा विभाग के द्वारा डाला जा रहा था। इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने आरोपी कर्मचारी की सेवा समाप्त और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे इसके अलावा पांच सदस्य जांच समिति जांच के लिए नियुक्त की थी।

आरोपियों को लेकर प्राथमिक जांच नगर निगम ने पूरी कर ली है और मामले में दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा चुकी है। वहीं जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दो रिटायर कर्मचारियों का वेतन फर्जी बैंक अकाउंट बनाकर डाला जा रहा था और सारे डॉक्यूमेंट भी उनके उपयोग किए जा रहे थे इसके अलावा तीन माह से गैर हाजिर चल रहे तीन कर्मचारी का फर्जी बैंक अकाउंट बनाकर घोटाले को अंजाम दिया गया घोटालेबाज कर्मचारी प्रतिमाह जब वेतन शीट तैयार होती तो इसमें कर्मचारी का मूल खाता नंबर बदलकर फर्जी बैंक अकाउंट नंबर डाल देते थे और बाद में इसी बैंक अकाउंट से पैसे खुद निकालते थे।

इसी तरह से रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों के बैंक खातों में भी गड़बड़ी की जाती थी। नगर निगम द्वारा कर्मचारी की पेंशन और वेतन भुगतान के लिए अलग-अलग सूचियां तैयार की जाती है जिन कर्मचारियों का वेतन रेगुलर कर्मचारियों की सूची में शामिल था उन्हीं का नाम पेंशन सूची में भी शामिल मिला जिसके बाद घोटाला सामने आया। इस मामले में अब जांच समिति रिटायर्ड, गैरहाजिर या फिर किसी वजह से लंबी छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों की वेतन शीट खंगाल रही है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि किस नाम पर कौनसा बैंक अकाउंट नंबर डाला हुआ है या एक ही नाम के दो बैंक अकाउंट मांगी गई है।

इन कर्मचारियों से नंबर तो नहीं है, या फिर नियमित फोन पर संपर्क करके क्रॉस वेतन और पेंशन सूची दोनों में वेरिफिकेशन पूरा किया जाएगा। एक जैसे नाम और बैंक अकाउंट समिति को इस घोटाले में सबसे नंबर तो नहीं है। इसके लिए अधिक आशंका रिटायर्ड हो चुके क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा कर्मचारियों के नाम पर वेतन है।

फिलहाल इस मामले में जांच निकल जाने को लेकर है। इसके समिति के सदस्यों ने आधिकारिक अलावा आउटसोर्स कर्मचारी के रूप से कुछ भी कहने से इनकार वेरिफिकेशन पर भी काम किया किया है क्योंकि मामला अभी जा रहा है। कौन सा कर्मचारी जांच में है लेकिन एफआईआर किस विभाग में कितने समय से करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

काम कर रहा है इसको लेकर भी निगम के सभी विभागों से लंबी स्थापना विभाग से जानकारी छुट्टी पर रहने वालों की सूची मांगी गई है।