दो परिसर को वृक्षों के कारण संरक्षित क्षेत्र रखा जाए
पर्यावरण प्रेमी मंच, इंदौर द्वारा जिला न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शहर के तीन और प्राचीन वृक्षों को 'धरोहर वृक्ष' चिन्हित किया गया। उनमें जिला न्यायालय परिसर स्थित होल्कर कालीन डेढ़ सौ साल से अधिक पुराने पीपल वृक्ष तथा संभागायुक्त कार्यालय परिसर के दो प्राचीन बरगद वृक्ष शामिल किये गए हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच के सदस्यों द्वारा चिंता व्यक्त की गई कि दोनों परिसरों में मौजूद अनेक प्राचीन व विशाल वृक्षों की स्थिति चिंताजनक है।
वृक्षों के आसपास सीमेंटीकरण के कारण एनजीटी के नियमों का पालन नहीं हो पारहाहै। दोनों परिसरों में लगभग 200 से अधिक वृक्ष हैं। इस कारण सम्पूर्ण परिसर को संरक्षित क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की गई। मंच ने बताया कि शीघ्र ही कुछ और प्राचीन पेड़ों के चिन्हित करण का कार्य भी किया जाएगा।
मंच के श्याम सुंदर यादव, डॉ. ओपी जोशी, अजय लागु, अभय जैन, अरविन्द पोरवाल ने धरोहर वृक्षों के प्रमाण पत्र सौंपे। चंद्रशेखर गवUी व हरीश मेनारिया ने परिसर के अन्य प्राचीन वृक्षों की जानकारी दी। मुकेश वर्मा, अखिलेश जैन, अनिल बोरगांवकर तथा प्रकाश सोनी ने वृक्षों की परिधि की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
गुरमित सिंह छाबड़ा, आभा अग्रवाल एवं सीमा महंत ने सर्वे कार्य संपन्न करवाने में विशेष सहयोग प्रदान किया।
