किसानों के बीमा घोटाले में सख्त कार्रवाई की मांग
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक, भोपाल द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र से यह स्पष्ट होता है कि अल्पावधि कृषि त्रण प्राप्त करने वाले किसानों का निजी बीमा कंपनियों के माध्यम से बीमा कराने में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि जांच प्रतिवेदन में सामने आई है। जांच में रतलाम, देवास तथा इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया गया है तथा विभागीय जांच की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के किसान नेता बबलू जाधव एवं सहकारी यूनियन अध्यक्ष ज्ञानेंद्र यादव ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास, उनके अधिकारों और उनकी मेहनत की कमाई के साथ किया गया गंभीर खिलवाड़ है। यदि किसानों की सहमति के बिना, निर्धारित टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बिना तथा शासन की निर्धारित प्रीमियम दरों से अधिक दर पर निजी बीमा कराया गया है, तो इसकी निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कर सभी जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जाधव और यादव ने कहा कि केवल नोटिस भेजने से काम नहीं चलेगा बल्कि पूरे प्रकरण की जांच कर किसानों के नुकसान की भरपाई भी तय की जाना होगी। यह जांच आर्थिक अपराध ब्यूरो और लोकायुक्त से कराई जाए।
