सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

551 घरों में एक साथ गूंजेंगे गायत्री मंत्र, 50 साल की साधना का दिखेगा विराट स्वरूप

यज्ञ की महत्ता समझाने घर-घर पहुंच रही टोली

कनाड़िया की गलियों में इन दिनों सिर्फ यज्ञ की तैयारियां ही नहीं, बल्कि पांच दशक पुरानी साधना और संस्कारों की खुशबू भी महसूस की जा रही है। गुरुधाम गायत्री शक्तिपीठ कनाड़िया द्वारा कल रविवार, 26 जुलाई को आयोजित किए जा रहे ‘घर-घर गायत्री यज्ञ’ अभियान में 551 चिन्हित घरों में एक साथ गायत्री यज्ञ संपन्न होगा। इस अनूठे अभियान की खास बात यह है कि वरिष्ठ साधक और अनुभवी कार्यकर्ता इस धार्मिक-सामाजिक अभियान की अगवानी कर रहे हैं।

इस आयोजन के पीछे कनाड़िया गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक 80 वर्षीय शंकर लाल शर्मा है। कमलेश्वर सिंह सिसोदिया ने बताया कि अभियान के तहत गायत्री परिवार के प्रशिक्षित कार्यकर्ता लगातार घर-घर संपर्क कर रहे हैं। लोगों को समझाया जा रहा है कि यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि परिवार में सकारात्मक वातावरण, आपसी प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक चेतना का माध्यम है।

उन्होंने बताया कि त्रषि परंपरा में यज्ञ का मूल भाव केवल अग्नि में आहुति देना नहीं, बल्कि ‘खिलाकर खाना और मिल- बांटकर जीना’ रहा है। यही वजह है कि इस अभियान के माध्यम से हर परिवार को यज्ञ से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 551 परिवार यजमान होेंगे, अलग-अलग टोली कनाडियाम ग्राम और कई कालोनियों के घर-घर पहुंच रही है।

जहां हवन कुण्ड नहीं है वहां अस्थायी हवन कुण्ड भी बनाया गया है। यज्ञ के बाद हवन भस्म को नदियों में प्रवाहित करने के बजाय पेड़ों की क्यारियों और खेतों में विसर्जित करने की अपील की गई है। आयोजन के दौरान मोबाइल बंद रखे जाएंगे। पुरुष सफेद कुर्ता पायजमा और महिला पीली या केशरिया साड़ी में मौजूद रहेंगे।