अग्रवाल समाज चुनाव की स्थिति कल साधारण सभा के अमेंटमेंट पर निर्भर
देवशयनी एकादशी आज...योगनिंद्रा में भगवान विष्णु, सृष्टि सम्भालेंगे शिव
मुख्य मुद्दा बाहरी वोटर का, जो सालों पहले बन गए थे
अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के चुनाव में विगत कई दिनों पूर्व शिकायत की गई थी कि नियम और कायदों से सदस्यता नहीं है इसमें पूर्व में जो मतदाता बनाए गए थे वह विधान के विपरित है, उसे ही आधार बनाकर चुनाव को अभी स्थगित किया गया है। यह चुनाव निरस्त नहीं हुए हैं, लेकिन कल अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के चुनाव नहीं हो रहे हैं, लेकिन साधारण सभा जरूर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो रही है। दोनों ही पैनल कल साधारण सभा में कोई विशेष हंगामा खड़ा नहीं करना चाहती हैं, लेकिन एक पैनल जरूर बाहरी मतदाता को लेकर हर हाल में अमेंटमेंट करवाना चाहती है।
सभी का यही कहना है कि जब तक चुनाव नहीं होना चाहिए तब तक जिस आधार पर चुनाव स्थगित हुए उसका अमेंटमेंट पूरा हो। इधर कुछ समाजजनों में चुनाव स्थगित होने से रोष है। कल वर्तमान पदाधिकारी आय- व्यय भी प्रस्तुत करेंगे और जो अमेंटमेंट के प्रस्ताव आएंगे उसे सुधार की प्रक्रिया ले जाकर जिस आधार पर चुनाव स्थगित हुए उनकी बाधा को दूर करने का प्रयास करेंगे।
सभी वरिष्ठजनों का यही मानना है कि अभी भी समय है कि चुनाव को राजीनामा में ले जाया जाए लेकिन दोनों पैनल का मानना है कि इसी रूकी हुई चुनाव प्रक्रिया को मतदान प्रक्रिया से आगे लाया जाना चाहिए, केवल वास्तविक मतदाता जो चुनाव के मुताबिक है उन्हें रखा जाए, बाहरी मतदाता बाहर किए जाए। सभी की सोच कल साधारण सभा में अच्छे से निर्णय को लेकर है, किसी तरह का विरोधभास की उम्मीद नहीं है क्योंकि जो वर्तमान अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के पदाधिकारी है वे समाज के वरिष्ठतम समाजसेवी है इसलिए विरोधाभास की उम्मीद साधारण सभा में नहीं है।
दोनों ही पैनल के कई उम्मीदवारोेंं ने चुनाव स्थगित होने के बाद भी अपना प्रचार सोशल मीडिया पर जारी रखा है, प्रत्यक्ष मुलाकात बंद कर दी गई है। एक खेमा प्रयास कर रहा है कि चुनाव हर हाल में अगस्त में हो जाए तो दूसरा खेमा यही चाहता है कि जिस मुद्दे पर चुनाव स्थगित हुए वह सदस्यता का मुद्दा हर हाल में सुलझ जाए तो हमें चुनाव से कोई दिक्कत नहीं है। इसी आधार पर कल साधारण सभा में अमेंटमेंट हो और निर्णय की प्रति फर्म और सोसायटी को भी भेज दी जाए और शिकायकर्ता को भी संतुष्ट कर दिया जाए।
कुछ लोगों का कहना है कि व्यक्तिगत लड़ाई समाजहित में नहीं होती है, समाज सर्वोपरि होता है। उल्लेखनीय है कि कल रविवार को जो चुनाव होना थे उसे लेकर दोनों ही पैनल ने मिलन और भोजन के आयोजन पर भी कल बड़ी धनराशि इस चुनावी माहौल में खर्च की थी और दोनों ही पैनल ने दादी माँ के मंगल पाठ का आयोजन भी कराया था और दोनों ही पैनल सुबह और शाम प्रचार में जुटी हुई थी, सोशल मीडिया से लेकर फोन तक पर प्रचार हो रहा था। आम्बेडकर नगरी महू में जाकर प्रचार किया जा चुका था।
कल दोपहर बाद जैसे ही चुनाव स्थगित होने की बात सामने आई वैसे ही कुछ समाजजनों में रोष था तो कुछ समाजजनों ने खुशी भी जाहिर की। अधिक मास के दौरान मांगलिक कार्य नहीं हुए। 16 जून के बाद से पुनः शादियां शुरू हुई। दो दिन पूर्व भदली- नवमी पर मांगलिक कार्य का अंतिम मुहूर्त चातुर्मास के पहले माना जाता है।
आज से भगवान विष्णु के विश्रामकाल में भगवान शिव पूरे ब्रह्माण्ड की देखरेख और रक्ष का दायित्व अपने हाथों में लेते है। कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर पुनः भगवान विष्णु संसार के पालनहार का कार्यभार सम्भालेँगे और इसी दिन से मांगलिक कार्य भी शुरू होंगे।
