सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

पीआईएमआर ने शुरू किया कैपेबिलिटी डेवलपमेंट सेंटर’ कोली समाज का विस्तार होगा

प्रेस्टिज इंस्टीट्याूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च डीम्ड-टू- बी यूनिवर्सिटी ने एआई-सक्षम ‘प्रेस्टिज कैपेबिलिटी डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की है। यह पहल पारंपरिक परीक्षा-केंद्रित शिक्षा से आगे बढ़कर क्षमता- आधारित शिक्षण, शोध, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को शिक्षा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका शुभारंभ दो दिवसीय ‘प्रेस्टिज एजुव़िजन- 2030: एकेडमिक लीडरशिप एंड ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव- 2026’ के दौरान किया गया।

यह सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से विद्यार्थियों की बौद्धिक, नेतृत्व, उद्यमिता एवं व्यावसायिक क्षमताओं का सतत आकलन और विकास करेगा। व्यक्तिगत फीडबैक, चैलेंज-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक शिक्षा तथा निरंतर क्षमता मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और भविष्य के कार्यस्थलों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। ड़ॉ. डेविश जैन, डॉ. सत्यम प्रियदर्शी, डॉ. संजीव पाटनी, ड़ॉ. एसएस भाकर, डॉ. हिमांशु जैन, केतन जैन, डॉ. रजनीश जैन, अखिलेश गांधी, डॉ. मनीष दवे, प्रो. मिलिंद पडालकर, डॉ. अनिल बाजपेयी, डॉ. एस. रमन अय्यर तथा डॉ. दीपक जारोलिया सहित अन्य ने मौजूद रहकर अपनी भूमिका निभाई।

प्रतिनिधि)। कोली समाज अब प्रदेश के सभी जिलों में तहसील और पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार करेगा। यह निर्णय कोली समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन की बैठक में लिया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कश्यप की मंशानुसार अब प्रदेश अध्यक्ष महेश उमरैया के निर्देशन में कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली ने प्रदेश के सभी जिलों के तहसील और पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार को लेकर कार्य योजना शुरू कर दी है।

सबसे पहले इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों के समाज अध्यक्षों को पत्र जारी कर दिया गया है और समाजसेवियों के नाम भी प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया कि संगठन का उद्देश्य केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति करना नहीं बल्कि संगठन को नीचे तक मजबूत करना ही महत्वपूर्ण कार्य है। प्रदेश के 27 जिलों में संगठन की इकाइयां सक्रिय रूप से काम कर रही है।