इंदौर एयरपोर्ट की उपेक्षा पर कांग्रेस का पलटवार
भाजपा की अपनी नेता ने खोली पोल
कांग्रेस के पूर्व संभागीय प्रवक्ता सन्नी राजपाल ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार के राज में इन्दौर विमानतल की घोर उपेक्षा हुई है। राजपाल ने कहा कि 8 साल से इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार सिर्फ कागजों पर है। रनवे की लंबाई नहीं बढ़ी, 492 करोड़ का टर्मिनल-1 तीन महीने से तैयार है पर ताला लगा है।
राजपाल ने कहा कि भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को मजबूरन मुख्यमंत्री को पत्र लिखना पड़ा। जब भाजपा के अपने नेता ही सरकार से इंदौर की उपेक्षा की शिकायत कर रहे हैं, तो आम जनता की कौन सुनेगा? ये भाजपा के ‘डबल इंजन' मॉडल की असलियत है।
राजपाल ने कहा कि 8 सालों से विमानतल विस्तार के नाम पर धोखा हो रहा है। राजपाल ने 6 साल पहले 450 करोड़ के नए टर्मिनल की घोषणा हुई। ‘निजीकरण' का बहाना देकर रोक दिया। अब 2026 में 492 करोड़ का टर्मिनल-1 बनकर तैयार है, उद्घाटन भी हो गया, लेकिन सीआईएसएफ स्टाफ नहीं दिया गया।
पार्किंग के लिए बडी जमीन में से मेट्रो को जमीन दी जा रही है। सिंहस्थ समीप है इंटरनेशनल एयरपोर्ट इन्दौर का बनना है और सरकार निर्धारित जमीन आवंटित नहीं कर पाई जबकि उज्जैन में 4 किमी लंबा नया रनवे त़ेजी से बन रहा है। राजपाल ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि टर्मिनल-1 को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए, पार्किंग की 20 एकड़ जमीन मेट्रो से मुक्त कराकर एयरपोर्ट को सौंपी जाए, इंटरनेशनल एयरपोर्ट हेतु 143 एकड़ जमीन 30 दिन में आवंटित की जाए, सिंहस्थ 2028 से पहले रनवे की लंबाई 3500 मीटर की जाए।
राजपाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इंदौर की उपेक्षा बंद नहीं की तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। वहीं सन्नी राजपाल ने कहा कि सोनम वांगचुक विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अनशन पर बैठे थे, जिनका भाजपा सरकार ने जबर्दस्ती अनशन तुड़वा दिया, जबकि उनके पिता सोनम वांग्याल ने भी अनशन किया था और 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी लेह गई थी और उन्होंने ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाया था। कांग्रेस इस समय सोनम वांगचुक के साथ खड़ी है।
