अंजली, गजल, नंदनी, अनिता ने दिखाया दम
म.प्र. महिला रविवार सुबह 8 बजे
इंदौर। खंडवा रोड, लिंबोदी स्थित गंगा गार्डन में दो दिवसीय भव्य 'म.प्र. महिला योद्धा कुश्ती' प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। 'आंचल अंतरराष्ट्रीय पहलवान है जो इस शिवकर्मास्थली सोशल वेल्फेयर स्पर्धा में भाग ले रही है। दूसरे सोसायटी' द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक महादंगल योद्धा कुश्ती' से शुरू हो जाएंगे।
के शुरुआती प्रतियोगिता का शाम को फाइनल मुकाबलों में बालिका शुभारंभ खेले जाएंगे। इस वर्ग के 43 किग्रा भार वर्ग में अंजली गरासिया मैनेजमेंट और निर्णायक (रेफरी) (धार), उन्नत कुशवाहा, 57 की कमान पूरी तरह से किग्रा के प्रथम दौर में गजल उपाध्याय (रतलाम), नंदनी वर्मा (खंडवा), 62 किग्रा भार वर्ग के पहले दौर में सुखमन (श्योपुर) व अनिता नायर (महू) ने जीत हासिल की।
आयोजन समिति की आयोजक व संयोजक सुमित्रा मिश्रा, अध्यक्ष स्वाति काशिद, सचिव योगिता निचित, बताया कि इस महादंगल में मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों की महिला पहलवान भाग ले रही है। प्रतियोगिता में दो अंतर्राष्ट्रीय महिला रेसलर भी इस प्रतियोगिता में भाग ले रही है। निश्चित ने निभा रहे है।
यह मुकाबला चार विकेट से जीत लिया था।
लॉर्ड्स की पिच बैटिंग के लिए आसान नहीं
कैसे बनानी हैं। यही सबसे महत्वपूर्ण होगा। जिसमें हंसाबेन और माधुरी पटेल, हंसा इंदौर के देपालपुर की है और माधुरी पटेल खंडवा से में रहती है। यह दोनों ही
दिन के मुकाबले
टूर्नामेंट का पूरा
महिलाओं के हाथों में है।
मध्य प्रदेश महिला योद्धा कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन विधायक मालिनी गौड द्वारा दीप प्रचलित करके किया गया। उनके साथ स्वाति काशिद, सुमित्रा मिश्रा, ममता वर्मा, मीना वर्मा, सीमा राठौर, प्रीति मिस्त्री, रूपमती वर्मा, शिवानी रोहेला ने अतिथियों का स्वागत किया। निर्णायक की भूमिका पूजा, सुषमा, वंशद्वारा, छाया शर्मा, नीलिमा बोरासी, वेद प्रकाश, अंतरराष्ट्रीय कोच विजय मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय कोच वीरेन
233 रन के मामूली स्कोर पर सिमट गया। इंग्लैंड ने
मोर्ने मोर्कल ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को लॉर्ड्स की पिच की रफ्तार और उछाल को समझने के बाद ही आक्रामक शॉट खेलना चाहिये। उन्होंने कहा, लॉर्ड्स की पिच कई बार मुश्किल साबित हो सकती है। बल्लेबाजों को शुरुआत में पांच-दस गेंद अतिरिक्त देकर परिस्थितियों को समझना जरूरी होगा। हमारे शीर्ष क्रम और मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाजों के पास काफी अनुभव है। वे परिस्थितियों को समझते हैं और जानते हैं कि साझेदारियां
