सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

सफाई कर्मचारियों द्वारा अनशन और हड़ताल

विगत 28 वर्षों से म.प्र. में नगर निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर विभिन्न कर्मचारी यूनियनों द्वारा लगातार ज्ञापन, धरना, आवेदन, प्रदर्शन किया जा रहा है परंतु शासन द्वारा कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है जिससे निराश होकर संयुक्त सफाई कर्मचारी कामगार मोर्चा एवं वाल्मीकि सेना (मार्शल कौम) के द्वारा संयुक्त रूप से कल पहले बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा बाद में महात्मा गांधी प्रतिमा पर आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल की गई।

पूर्व में कर्मचारियों के मुद्दे पर संगठन द्वारा ज्ञापन भी अलग-अलग दिए गए थे इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी जिससे यूनियन और वाल्मीकि सेना में आक्रोश है। 11 सूत्रों मांगों को लेकर जिसमें कर्मचारियों का स्थायीकरण, ठेका प्रथा बंद करने, एन.जी.ओ. बंद करने, मेडिकल नियुक्तियां चालू कराने एवं मस्टरकर्मियों को मृत्यु पश्चात या रिटायरमेंट के बाद उनके परिवारजन को एक नौकरी दी जाये, जैसी 11 सूत्रीय मांगों के साथ वाल्मीकि सेना एवं संयुक्त मोर्चा आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठ रहे है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे ने बताया कि पिछले 28 वर्षों से किसी भी कर्मचारी को स्थाई नहीं किया गया है, वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों की आर्थिक, सामाजिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। इंजीनियर संतोष कल्याणे, महेश गौहर, हरीश नागर, राजेश मेवाती, राजेश धोलपुरे, नीलेश गौसर सहित अन्य मौजूद थे।