आज सुबह नहीं हुई मेट्रो के लिए गुदाई
अधिकारियों ने उपकरण लगाकर जांचा कम्पन, उसके बाद शुरू हुई मशीनें, 5 एमएम से अधिक होगी कम्पन तो बजेगा सायरन
मल्हारगंज क्षेत्र में छोटा गणपति मंदिर के सामने मेट्रो स्टेशन का काम चल रहा है। अंडरग्राउण्ड स्टेशन के लिए करीब 120 फीट नीचे तक ड्रील की जा रही है, इस ड्रील से कल जब कम्पन हुई तो क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। आज सुबह निर्धारित समय पर काम शुरू नहीं हुआ।
अधिकारियों ने पहले जांच की और फिर काम शुरू करवाया। मल्हारगंज मेट्रो स्टेशन के आसपास के रहवासी कल उस वक्त दहशत में आकर सड़कों पर उतर गए जब उनके फ्लेट में कम्पन हुई। फ्लेट में रखे बर्तन भी गिरे और प्लास्टर गिरा तो रहवासियों ने मेट्रो स्टेशन पर हंगामा कर काम रुकवा दिया।
रोजाना सुबह 7 बजे से ड्रील का काम शुरू होता है। रहवासियों का आरोप है कि निर्धारित समय से पहले ही कर्मचारियों द्वारा मशीनें चालू कर दी जाती है। हालांकि कल हुए हंगामे के बाद आज मशीनें चालू नहीं हुई। मेट्रो इंजीनियर ने समीप ही स्थित महंत काम्पलेक्स की छत पर जाकर वाईब्रेशन मानीटरिंग डिवाइस लगाया जिसके बाद मशीनें चालू करवाई गई।
अधिकारियों ने वाईब्रेशन को जांचा जिसके बाद रहवासियों से चर्चा की। रहवासियों ने मांग की है कि जब कम्पन बढ़ेगा तो सायरन के माध्यम से उन्हें जानकारी मिल जाएगी जिससे वह सतर्क हो जाएंगे और बाहर आ जाए। जिसके बाद अधिकारियों ने महंत काम्पलेक्स की छत पर डिवाइस लगाकर एक कर्मचारी को बैठाने का निर्णय लिया।
अब वाईब्रेशन जब भी 5 एमएम प्रति सेकंड से बढ़ेगा तो सायरन बजेगा। दरअसल ड्रील करने के दौरान होने वाला वाईब्रेशन कम है, जब मशीन ड्रील कर मिट्टी को बाहर निकालती है तब थोडी कम्पन होती है। कुल मिलाकर कल हुए विरोध के बाद आज अधिकारियों ने पहले रहवासियों को संतुष्ट किया उसके बाद काम चालू करवाया गया।
