सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

इंदौर में होर्डिंग प्रयोग, एमआईसी सदस्य के विरोध के बाद लगाए और बड़े होर्डिंग, अब प्रतिक्रिया का इंतजार रोबोट चौराहे के पास तीन होर्डिंग लगाए, विरोध नहीं हुआ तो पूरे डिवाइडर पर लगेंगे

लाचार नजर आ रहा है क्योंकि एजेंसियां जहां चाहती है वहां पर विज्ञापन होर्डिंग खड़े कर देती हैं, वाहन चालकों को इससे क्या परेशानी होगी। स्ट्रक्चर कितना मजबूत रहेगा या कोई दुर्घटना की संभावना हो सकती है इनके बारे में कोई विचार नहीं किया जाता और होर्डिंग शहर के माथे मढ़ दिए जाते हैं। इसके अलावा इंदौर शहर में होर्डिंग लगाने को लेकर नए-नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं।

मामला मेट्रो कॉरिडोर के नीचे नगर निगम द्वारा बनाए गए नए डिवाइड पर होर्डिग लगाने का है। पिछले दिनों रेडिसन चौराहा से विजयनगर की ओर वाले डिवाइडर पर होर्डिंग लगाए गए थे जिसको लेकर एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौड़ ने भारी विरोध किया था साथ ही विज्ञापन एजेंसियों के होर्डिंग्स को अवैध भी बताया था। उन्होंने कहा था कि जो होर्डिंग लगाए जा रहे हैं उसकी अनुमति यातायात विभाग और एमआईसी द्वारा नहीं दी गई।

उन्होंने आरोप लगया यह विज्ञापन एजेंसी और अधिकारियों मिली भगत से जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर होर्डिंग लगाए गए हैं। भारी हंगामा मचने के बाद रेडिसन चौराहे के पास लगे होर्डिंग हटाए गए साथ ही तर्क यह दिया गया कि सिग्नल के पास एलसीडी वाले विज्ञापन वाहन चालकों का ध्यान भटकाएंगे और दुर्घटनाएं होगी क्योंकि उस पर चलने वाले साइज वाले टावर विज्ञापन लगाए हैं यह और अधिक खतरनाक हो सकते हैं। इनका साइज पहले से कई बड़ा है।

एजेंसी द्वारा पूरे डिवाइड के बीच स्ट्रक्चर तैयार कर दिया गया है अब केवल होर्डिंग का स्ट्रक्चर उसे पर कसा जाना है। सूत्रों के मुताबिक विज्ञापन एजेंसी जिसने यह विज्ञापन लगाए हैं उसने कोई कागजी चूक नहीं की है ताकि बैक फुट पर आना पड़े। अब आम नागरिक और जनप्रतिनिधियों का विरोध या चाहिए।