जिला कोर्ट परिसर से जमानत खारिज होते ही चकमा देकर भागा बदमाश
आर्म्स एक्ट के मामले में समर्पण करने पहुंचा था आरोपी, जेल वारंट बनते ही न्यायिक अभिरक्षा से हुआ फरार
एमजी रोड थाना क्षेत्र में इंदौर जिला न्यायालय परिसर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ठेंगा दिखाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। आर्म्स एक्ट के प्रकरण में कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करने पहुंचे एक बदमाश ने जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस को चकमा दे दिया। जैसे ही अदालत ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए और वारंट तैयार हुआ, आरोपी मौका पाकर न्यायिक अभिरक्षा से भाग निकला।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक और नया केस दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
एमजी रोड पुलिस के अनुसार, मामला जिला कोर्ट के कोर्ट नंबर 43/01 का है। आरोपी सन्नी पिता दीपक शिंदे निवासी के.ई.एच. कंपाउंड,के खिलाफ संयोगितागंज थाने में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण अपराध क्रमांक 148/2026, न्यायालयीन प्रकरण आरसीटी क्रमांक 2705/2026 दर्ज था। इसी मामले में आरोपी सन्नी ने 12 अगस्त को कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे तुरंत न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया था।
समर्पण के बाद अभियुक्त की ओर से न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे सेंट्रल जेल भेजे जाने हेतु जेल वारंट तैयार करने के आदेश जारी किए। जेल भेजने की कागजी प्रक्रिया चल ही रही थी कि आरोपी सन्नी ने अभिरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता को चकमा दिया और कोर्ट परिसर से रफूचक्कर हो गया।
काफी देर तक जब आरोपी की खोजबीन की गई और वह नहीं मिला, तो पुलिस अधिकारियों को उसके फरार होने की जानकारी दी गई। एमजी रोड थाना पुलिस ने न्यायालयीन आदेश व रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सन्नी शिंदे के खिलाफ कस्टडी से भागने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
