सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

वैभव की बल्लेबाजी देखने हजारों दर्शक पहुंचे स्टेडियम

नई दिल्ली। चेपक स्टेडियम की हवा में रविवार सुबह एक अलग ही गर्मी थी, और वह गर्मी सिर्फ चेन्नई के मौसम की नहीं थी। एमए चिदंबरम स्टेडियम के सी, डी और ई ब्लॉक के स्टैंड दर्शकों के लिए मुफ्त खोले गए थे, लेकिन तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने शायद यह उम्मीद नहीं की थी कि करीब 12,000 लोग एक 15 साल के लड़के की एक झलक पाने के लिए मैदान की ओर दौड़ पड़ेंगे।

‘वैभव भाई, वैभव जी, वैभव’ के नारों से पूरा स्टेडियम गूंज रहा था। दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान जब सूर्यवंशी बाउंड्री लाइन के पास प्रशंसकों का अभिवादन करने पहुंचे, तो स्टैंड्स में जुनून अपने चरम पर था। घरेलू क्रिकेट में ऐसा उन्माद अब केवल यादों और पुराने किस्सों में सिमटकर रह गया था।

हाल के इतिहास में ऐसे दृश्य बेहद दुर्लभ रहे हैं। ऐसा ही पागलपन 30 जनवरी 2025 को दिखा था, जब विराट कोहली पूरे 12 साल के लंबे अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की तरफ से मैदान पर उतरे थे। उससे भी पीछे जाएं, तो साल 2013 का वह ऐतिहासिक मैच याद आता है, जब लाहली में मुंबई और हरियाणा के बीच सचिन तेंदुलकर अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे थे। उस वक्त अपने भगवान की एक अंतिम झलक के लिए लगभग 15,000 प्रशंसक खिंचे चले आए थे।

आईपीएल की आतिशबाजी से मिली राष्ट्रीय पहचान-वैभव

सूर्यवंशी अभी क्रिकेट के उस शिखर पर नहीं पहुंचे हैं, जहां सचिन और विराट जैसे दिग्गज दशकों से विराजमान हैं। लेकिन आईपीएल 2026 में उनके बल्ले से निकली आतिशबाजी ने इस 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी को रातों-रात उस लोकप्रियता के पायदान पर खड़ा कर दिया है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में बेहद कम खिलाड़ियों को नसीब होती है।